सांसद शशि थरूर फिर कांग्रेस की बैठक से गायब, पार्टी में बढ़ी नाराज़गी

Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बार फिर शशि थरूर (Shashi Tharoor) की गैरहाजिरी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आज राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई लोकसभा सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक में तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर अनुपस्थित रहे। यह पहली बार नहीं है जब वे किसी अहम पार्टी कार्यक्रम से दूर रहे हों, और इसी वजह से पार्टी के भीतर सवाल और असहजता बढ़ती जा रही है।

थरूर ने दी थी जानकारी

हालांकि थरूर ने बैठक में शामिल न हो पाने की सूचना पहले ही नेतृत्व को दे दी थी, मगर कांग्रेस के चीफ व्हिप का कहना है कि उन्हें उनकी अनुपस्थिति की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई गई। इस अस्पष्टता ने पार्टी में कयासों को और हवा दे दी है।

दरअसल शशि थरूर पहले भी कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर चुके हैं, जिसे लेकर कांग्रेस में उन पर उंगलियां उठती रही हैं। अब जब वे पार्टी की औपचारिक बैठकों से भी अक्सर गायब दिखाई दे रहे हैं, तो स्वाभाविक तौर पर उनके रवैये पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

Shashi Tharoor

मनीष तिवारी भी बैठक से गैरहाजिर

दरअसल इस बैठक में शशि थरूर ही नहीं, चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी भी शामिल नहीं हो सके। थरूर पिछली रात कोलकाता में प्रभा खैतान फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में थे और संभवतः समय पर दिल्ली लौट नहीं पाए। यह भी कहा जा रहा है कि थरूर की यह गैरहाजिरी उस समय सामने आई जब उन्होंने कुछ दिन पहले ही सफाई दी थी कि वे 30 नवंबर को हुई कांग्रेस की रणनीतिक समूह की बैठक से जानबूझकर नहीं अनुपस्थित थे, बल्कि फ्लाइट में थे और यात्रा के कारण बैठक में पहुंच नहीं पाए थे।

लगातार अनुपस्थिति पर बढ़ रही चर्चा

दरअसल थरूर की बार-बार गैरहाजिरी अब कांग्रेस के भीतर चर्चा का बड़ा विषय बन रही है। एसआईआर के मुद्दे पर हुई चर्चा से भी वे जुड़े नहीं थे और तब उन्होंने इसे स्वास्थ्य कारणों से जोड़ा था। लेकिन पार्टी में यह भावना बढ़ रही है कि इस तरह की अनुपस्थितियाँ बताती हैं कि वे संगठनात्मक गतिविधियों से दूरी बना रहे हैं।

थरूर हाल ही में उस समय भी चर्चा में आए थे, जब वे अकेले कांग्रेस नेता थे जिन्हें राष्ट्रपति भवन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में आयोजित राज्य भोज में आमंत्रित किया गया था। उनकी यह मौजूदगी भी कई नेताओं के बीच असहजता का कारण बनी हुई है।

कुल मिलाकर, शशि थरूर की लगातार अनुपस्थिति और उनके आसपास बन रहा राजनीतिक माहौल कांग्रेस के भीतर नई हलचल पैदा कर रहा है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

 

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