मुंबई लोकल ट्रेन विस्फोट मामला, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सभी 12 दोषियों को बरी किया, 189 लोगों की गई थी जान
Sandesh Wahak Digital Desk: साल 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन विस्फोट मामले में सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए सभी 12 दोषियों को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया है। यह फैसला जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस एस. जी. चांडक की खंडपीठ ने सुनाया।
निचली अदालत ने सुनाई थी फांसी और उम्रकैद की सजा
आपको बता दें कि इस केस में कुल 12 आरोपियों को पहले निचली अदालत ने दोषी ठहराया था। इनमें से 5 दोषियों को फांसी की सज़ा सुनाई गई थी, जबकि 7 को उम्रकैद की सजा मिली थी। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद, 12 दोषियों को अब बरी कर दिया गया है। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो चुकी थी।
सूत्रों के अनुसार, इस साल जनवरी महीने में इस सनसनीखेज प्रकरण की अंतिम सुनवाई पूरी हो गई थी, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। दोषियों ने येरवडा, नाशिक, अमरावती और नागपुर की जेलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।
क्या था 2006 का मुंबई लोकल ट्रेन धमाका
यह भीषण बम धमाका 2006 में हुआ था, जब मुंबई की लोकल ट्रेनों में सात अलग-अलग स्थानों पर एक साथ विस्फोट हुए थे। इस आतंकी हमले में 189 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इस भयावह घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
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