खाकी का मानवीय चेहरा: लखनऊ में मौत के कुएं में गिरे युवक के लिए ‘देवदूत’ बनी नगराम पुलिस

Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के नगराम इलाके में बुधवार की आधी रात को एक बड़ा हादसा टल गया। गूगल मैप के भरोसे सफर कर रहा एक युवक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे कुएं में जा गिरा। अगर पुलिस की गश्त टीम मौके पर न पहुंचती, तो कड़ाके की ठंड और अंधेरे के बीच कोई अनहोनी हो सकती थी।

आधी रात को गूंजी मदद की आवाज

घटना 21 जनवरी की रात करीब 12:10 बजे की है। थाना नगराम के सिपाही पवन कुमार यादव और सुरजीत वर्मा करोरा-नगराम मार्ग पर गश्त कर रहे थे। हसवापुल के पास उन्हें सड़क किनारे एक लावारिस मोटरसाइकिल पड़ी दिखी। शक होने पर जब उन्होंने आसपास टॉर्च की रोशनी डाली, तो पास के एक कुएं से ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाज सुनाई दी।

जुगाड़ और जांबाजी से हुआ रेस्क्यू

पुलिसकर्मियों ने देखा कि एक युवक कुएं के भीतर जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। पास में कोई रस्सी या संसाधन नहीं था। ऐसे में सिपाहियों ने गजब की सूझबूझ दिखाई। उन्होंने कड़कड़ाती ठंड में अपने गले से मफलर उतारे और अपनी लोई (कंबल) को आपस में मजबूती से बांधकर एक लंबी रस्सी तैयार की। इसे कुएं में लटकाकर उन्होंने युवक को ढांढस बंधाया और कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर खींच लिया।

गूगल मैप के चक्कर में हुआ हादसा

बचाए गए युवक की पहचान अर्जुनगंज निवासी रितेश जायसवाल (25 वर्ष) के रूप में हुई है। रितेश लखनऊ के चौक इलाके से रायबरेली स्थित अपने गांव जा रहा था। रास्ता अनजान होने के कारण वह गूगल मैप का सहारा ले रहा था। अचानक आए एक मोड़ पर वह संतुलन खो बैठा और मोटरसाइकिल से छिटककर सीधे कुएं में जा गिरा।

रेस्क्यू के बाद पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। गनीमत रही कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने उसे नए कपड़े पहनाए और उसके परिजनों को बुलाकर उसे सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया। इस जांबाजी के लिए स्थानीय लोग और युवक के परिजन नगराम पुलिस की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

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