बीजेपी ने बगावत करने वाले 32 कार्यकर्ताओं को निकाला, पूर्व महापौर के पति और कई दिग्गज 6 साल के लिए सस्पेंड

Sandesh Wahak Digital Desk: नागपुर महानगरपालिका चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद मची कलह अब पार्टी की बड़ी कार्रवाई में तब्दील हो गई है। बीजेपी के शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने घोषणा की है कि संगठनात्मक अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते 32 कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है।

दयाशंकर तिवारी ने बताया कि चुनाव की घोषणा के बाद करीब 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने बगावती तेवर अपनाए थे। हालांकि, पार्टी की समझाइश के बाद 96 कार्यकर्ताओं ने अपने नामांकन वापस ले लिए, लेकिन बाकी लोग पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ ही चुनाव मैदान में डटे रहे। इसी अनुशासनहीनता को देखते हुए पार्टी ने सख्त कदम उठाया है।

पार्टी से निकाले गए लोगों में कई जाने-माने चेहरे शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी के फैसले को चुनौती दी।

विनायक डेहनकर: पूर्व महापौर अर्चना डेहनकर के पति।

सुनील अग्रवाल: वरिष्ठ पूर्व नगरसेवक।

सुनीता महल्ले: पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता।

शहर अध्यक्ष ने साफ कहा कि चुनाव के समय पार्टी का आदेश ही अंतिम होता है। जो कार्यकर्ता अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ काम करेगा या खुद निर्दलीय लड़ेगा, उसके लिए संगठन में कोई जगह नहीं है।

दूसरी ओर, निलंबित किए गए कार्यकर्ताओं ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें आखिरी वक्त तक अंधेरे में रखा। उनका कहना है कि टिकट न देने का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। उन्होंने कहा, जनता चाहती है कि हम चुनाव लड़ें, इसलिए हम मैदान में हैं। पार्टी को फैसला लेने का पूरा अधिकार है और हमें उनसे कोई शिकायत नहीं है।

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