“जिस नंदलाल के 26 फॉर्म पर साइन हैं, वह अंगूठा लगाता है”, Akhilesh Yadav ने बोला चुनाव आयोग पर हमला
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एक बार फिर एसआईआर के मुद्दे पर चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि SIR में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे में चुनाव आयोग को बीजेपी का झंडा लगा लेना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने नंदलाल को एक लाख रुपये भी दिए। उन्होंने बताया कि नंदलाल के नाम से 26 फॉर्म भरे गए हैं, जबकि नंदलाल पढ़ना-लिखना नहीं जानते हैं।
नंदलाल को एक लाख रुपये देने का मामला
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बताया कि पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया था कि नंदलाल के नाम पर कई फॉर्म भरे गए और उनके साइन किए गए, जबकि उन्हें लिखना नहीं आता। उस दौरान अखिलेश यादव ने कहा था कि जो नंदलाल को ढूंढ कर लाएगा, उसे एक लाख रुपये दिए जाएंगे। बाद में नंदलाल खुद उनके पास पहुंचे, जिसके बाद अखिलेश यादव ने उन्हें एक लाख रुपये दिए। उन्होंने यह भी बताया कि नंदलाल धार्मिक व्यक्ति हैं और अपने घर में मां दुर्गा का मंदिर बनवा रहे हैं।
"हमारी मांग है कि फॉर्म 7 भरवाना बंद करे चुनाव आयोग।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/lcd2SX5HMx
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) February 8, 2026
फॉर्म-7 को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आरोप लगाया कि फॉर्म 7 को लेकर पहले भी सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ एजेंसियां हायर की हैं, जो उन बूथों को चिन्हित करती हैं जहां समाजवादी पार्टी जीती है और उन्हीं बूथों पर फॉर्म 7 जमा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी फॉर्म छपे हुए हैं। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने दावा किया कि बिहार में एसआईआर के जरिए बीजेपी ने चुनाव जीता और बंगाल की मुख्यमंत्री को काला कोट पहनना पड़ा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को अपने ऑफिस में बीजेपी का झंडा लगा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि नंदलाल देवी के भक्त हैं और देवी की ताकत की वजह से ही उनमें सामने आने की हिम्मत हुई है।
फॉर्म-7 प्रक्रिया बंद कराने की मांग
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने चुनाव आयोग से फॉर्म 7 भरवाने की प्रक्रिया तुरंत बंद कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में उनके विधायक भी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि यह यूपी सरकार का आखिरी बजट है। अखिलेश यादव ने दोहराया कि नंदलाल के नाम से 26 फॉर्म जमा कराए गए थे, जिनमें साइन थे, जबकि नंदलाल अंगूठा लगाते हैं और उन्हें लिखना-पढ़ना नहीं आता।
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