एक करोड़ का इनामी नक्सली कमांडर मादवी हिडमा ढेर, पत्नी भी ऑपरेशन में मारी गई

आंध्र–छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में खत्म हुआ माओवादी आतंक का बड़ा चेहरा

Sandesh Wahak Digital Desk: आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की बटालियन नंबर 1 के प्रमुख और सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य मादवी हिडमा और उनकी पत्नी की मौत हो गई। हिडमा पर एक करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था।

सुरक्षाबलों ने आंध्र प्रदेश के अल्लूरी जिले और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के सीमावर्ती इलाकों में माओवादी गतिविधियों की सूचना पर सर्च अभियान चलाया था।

इसी दौरान नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू की। जवाबी कार्रवाई में हिडमा और उनकी पत्नी मारे गए। हिडमा की उम्र 43 वर्ष थी।

Maoist Commander Madvi Hidma

हिडमा: माओवादी संगठन का खौफनाक चेहरा

हिडमा का जन्म 1981 में सुकमा जिले के पुवर्ती इलाके में हुआ था। कम उम्र में ही वह माओवादी संगठन से जुड़ गया और कमांडर बन गया।

वह 2013 के दरभा घाटी नरसंहार का मुख्य साजिशकर्ता था, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोग मारे गए थे।

इसके अलावा, 2017 में सुकमा में CRPF पर हुए घातक हमले में भी उसका अहम रोल था, जिसमें 25 जवान शहीद हुए।

कुल मिलाकर उसने कम से कम 26 बड़े हमलों की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया।

पत्नी भी नक्सली गतिविधियों में शामिल

हिडमा की पत्नी भी माओवादी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी और कई ऑपरेशनों में सक्रिय रही। इस मुठभेड़ में दोनों की मौत से सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली।

सुरक्षा एजेंसियों का बयान

एजेंसियों का मानना है कि हिडमा की मौत से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगेगा। वह न केवल दक्षिण बस्तर में संगठन की पकड़ बनाए रखने में अहम था, बल्कि उसकी रणनीतिक सोच और गुरिल्ला युद्ध की क्षमता संगठन के लिए महत्वपूर्ण थी।

हिडमा की मौत से जंगलों में माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण और आसान होगा।

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