NCRB Report 2023: भारत में आपराधिक गतिविधियां 7.2% बढ़ीं, हर घंटे दर्ज हुए 700 से ज्यादा नए मामले

Sandesh Wahak Digital Desk: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की नवीनतम रिपोर्ट ने देश में आपराधिक गतिविधियों की चिंताजनक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में भारत में कुल 62,41,569 संज्ञेय (Cognizable) मामले दर्ज किए गए, जो 2022 की तुलना में 7.2 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्शाते हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि देश में अपराध की दर प्रति लाख जनसंख्या पर 422.2 से बढ़कर 448.3 हो गई है।

किन अपराधों में हुई सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी

2023 में दर्ज कुल मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत 37,63,102 मामले (60.3%) और विशेष एवं स्थानीय कानूनों (SLL) के तहत 24,78,467 मामले (39.7%) शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालने (IPC की धारा 283) के मामलों में सबसे तेज़ उछाल देखा गया, जो 2022 के 93,548 मामलों से बढ़कर 2023 में 1,51,469 हो गया।

चोरी के दर्ज मामलों में भी वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष के 6,52,731 मामलों की तुलना में 2023 में 6,89,580 तक पहुँच गए। SLL के तहत, मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन के मामले लगभग दोगुने हो गए, जो 94,450 से बढ़कर 1,91,828 हो गए। रिपोर्ट के आंकड़े मानव शरीर, महिलाओं, बच्चों और कमजोर समूहों के खिलाफ अपराधों में चिंताजनक रुझान दर्शाते हैं।

2023 में मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराधों के कुल 11.85 लाख मामले दर्ज किए गए। इनमें चोट पहुँचाने के 6.36 लाख (53.7%) मामले सबसे ऊपर रहे, इसके बाद लापरवाही से हुई मौतें (1.65 लाख) और अपहरण (1.13 लाख) के मामले रहे। इन अपराधों में 2022 की तुलना में 2.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, और अपराध दर 84.0 से बढ़कर 85.2 प्रति लाख जनसंख्या हो गई है।

हालांकि, हत्या और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध जैसी कुछ श्रेणियों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। जाँच के मोर्चे पर, पुलिस ने 2023 में 53,61,518 IPC मामलों का निपटारा किया। इनमें से 72.7 प्रतिशत मामलों में आरोप-पत्र (Chargesheet) दाखिल किए गए हैं।

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