‘जनता की सुनवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं’, कुशीनगर में डीएम तंवर का सख्त रुख
कप्तानगंज (कुशीनगर)। तहसील सभागार में आयोजित ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ में फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण की रफ्तार काफी धीमी नजर आई। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और अपर पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में कुल 25 मामले सामने आए, जिनमें से महज 3 का ही मौके पर निस्तारण हो सका। शेष 22 मामलों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया है। डीएम ने कड़े लहजे में कहा कि जनता को दफ्तरों के चक्कर कटवाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम पर जोर
समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि जिन गांवों में जमीन से जुड़े विवाद अधिक हैं, वहां राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी स्वयं जाएं। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर आपसी सुलह से मामलों को खत्म कराया जाए। उन्होंने कहा कि पैमाइश, वरासत और सीमांकन जैसे संवेदनशील मुद्दों को प्राथमिकता पर रखा जाए।

शिकायतों का गणित: राजस्व विभाग सबसे आगे
सभागार में प्राप्त कुल 25 प्रार्थना पत्रों का विवरण कुछ इस प्रकार रहा:
राजस्व विभाग: 16 मामले
पुलिस विभाग: 01 मामला
अन्य विभाग: 06 मामले
संयुक्त मामले: 02 मामले (पुलिस व राजस्व)
अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को स्पष्ट किया कि आपसी रंजिश और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए ताकि स्थिति गंभीर न होने पाए।
डीएम का तहसील निरीक्षण: लंबित फाइलों पर जताई नाराजगी
समाधान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने तहसील परिसर और विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों के रख-रखाव और साफ-सफाई का जायजा लिया। राजस्व न्यायालयों में लंबित मुकदमों की समीक्षा करते हुए डीएम ने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि अनावश्यक रूप से लंबित फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
इनकी रही मौजूदगी
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश बर्मा, उपजिलाधिकारी कप्तानगंज, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जनपद स्तरीय विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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