नेपाल में ‘जेन जी’ प्रदर्शन ने ली 72 जानें, अंतरिम PM कार्की ने दिया न्यायिक जांच का आदेश
Sandesh Wahak Digital Desk: नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने 9 सितंबर को देश भर में हुई हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं की न्यायिक जांच कराने का आदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘जेन जी’ प्रदर्शन की आड़ में हुई ये घटनाएँ एक गहरी साजिश का हिस्सा थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से लोगों की संपत्तियों और घरों को चुन-चुनकर जलाया गया, वह किसी भी युवा प्रदर्शनकारियों का काम नहीं हो सकता।
सुशीला कार्की ने कार्यभार संभालने के बाद अपने संबोधन में कहा कि इस हिंसा में शामिल कई समूहों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि लोगों के निजी घरों, दुकानों, होटलों और फैक्ट्रियों को जलाया गया, जिससे आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले से ही खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे नेपाल को इस घटना से और भी बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि ऐसी उद्दंडता को किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता।

मारे गए युवाओं को शहीद का दर्जा
एक और अहम फैसले में, अंतरिम सरकार ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए युवाओं को शहीद का दर्जा देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, उनके परिजनों को दस-दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी नेपाल सरकार उठाएगी और मृतकों के शवों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
मुख्य सचिव एक नारायण आर्यल ने जानकारी दी कि ‘जेन जी’ आंदोलन के दौरान कुल 72 लोगों की मौत हुई है। इनमें 59 प्रदर्शनकारी, 10 कैदी और 3 सुरक्षाकर्मी शामिल थे।
इस हिंसा में 700 से 1000 से ज्यादा इमारतों और 30 से ज्यादा पुलिस थानों में तोड़फोड़ हुई, और 5000 से ज्यादा वाहन जला दिए गए। अंतरिम प्रधानमंत्री के इस कदम का लोगों ने स्वागत किया है, क्योंकि उनका मानना है कि यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी।
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