New Delhi: चीन-पाक पर सख्त निगाह, नौसेना को मिलने वाली हैं 9 हाईटेक पनडुब्बियां, अब बस एक मंजूरी का इंतज़ार
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय नौसेना की ताकत जल्द ही और बढ़ने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश को जल्द ही 9 नई और अत्याधुनिक पनडुब्बियां मिल सकती हैं। इन पनडुब्बियों को नौसेना में शामिल करने का रास्ता लगभग साफ है, अब सिर्फ कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की मंजूरी बाकी है। इन पनडुब्बियों को ‘प्रोजेक्ट 75(इंडिया)’ यानी P-75(I) के तहत तैयार किया जाएगा। पहले चरण में 6 पनडुब्बियां शामिल की जाएंगी, जबकि बाकी तीन पनडुब्बियां मुख्य करार के एक साल बाद आ सकती हैं।
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) लगातार हिंद महासागर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। वहीं पाकिस्तान भी अरब सागर में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा है। ऐसे में भारत के लिए ये पनडुब्बियां एक अहम रणनीतिक हथियार बनेंगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, “हिंद महासागर में जिस तरह से चीन और पाकिस्तान की गतिविधियां बढ़ रही हैं, उसे देखते हुए इन पनडुब्बियों की ज़रूरत बेहद जरूरी है।”
कितनी होगी लागत?
पहले बैच की 6 पनडुब्बियों पर करीब 90,000 करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपये तक खर्च हो सकते हैं। यह डील फिलहाल बातचीत के दौर में है और उम्मीद है कि इस साल के अंत तक वित्तीय चर्चा पूरी हो जाएगी। अगर सब कुछ तय वक्त पर हुआ, तो अगले साल की पहली तिमाही में यह करार फाइनल हो सकता है।
इन पनडुब्बियों में क्या होगा खास ? ![]()
इन पनडुब्बियों में सबसे खास तकनीक होगी – एयर इंडिपेंडेंट प्रपल्शन (AIP)। इस तकनीक की मदद से पनडुब्बियां लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकेंगी और दुश्मन की नज़र में आए बिना ऑपरेशन कर पाएंगी। इसके अलावा पनडुब्बियों की डिजाइन, तकनीक का ट्रांसफर और भारत में कुछ जरूरी उपकरणों का निर्माण भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा होगा।
कोविड और महंगाई की वजह से भी इस प्रोजेक्ट की लागत में इजाफा हुआ है।
जर्मनी से होगी साझेदारी?
इस साल जनवरी में इस प्रोजेक्ट के लिए भारत की मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स की संयुक्त बोली अंतिम दौर तक पहुंची थी। बाकी दावेदार – लार्सन एंड टुब्रो और स्पेन की नवांतिया – तकनीकी मूल्यांकन में फेल हो गए थे। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक होता है, तो भारत की पनडुब्बी निर्माण साझेदारी फ्रांस के स्कॉर्पीन प्रोग्राम से हटकर जर्मनी की ओर शिफ्ट हो सकती है।
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