राम मंदिर में नया इतिहास: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज करेंगी ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना, 7000 मेहमान और 300 संत बनेंगे साक्षी
Sandesh Wahak Digital Desk: आज हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर अयोध्या की धर्मनगरी एक और स्वर्णिम अध्याय की साक्षी बनने जा रही है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय तल पर विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना करेंगी।
राष्ट्रपति का विस्तृत कार्यक्रम
आगमन: सुबह 11:00 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग।
प्रवेश: सड़क मार्ग से गेट नंबर 11 (आद्य शंकराचार्य द्वार) के जरिए मंदिर परिसर में प्रवेश।
दर्शन व अनुष्ठान: सबसे पहले रामलला का आशीर्वाद लेंगी, फिर मंदिर के दूसरे तल पर जाकर ‘श्रीराम यंत्र’ का पूजन और स्थापना करेंगी।
सप्तमंडपम दर्शन: राष्ट्रपति महर्षि वाल्मीकि, माता शबरी और निषादराज के मंदिरों में दर्शन कर सामाजिक समरसता का संदेश देंगी।
विदाई: दोपहर 3:15 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान।
समारोह के मुख्य आकर्षण और अतिथि
इस भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई विशिष्ट गणमान्य उपस्थित रहेंगे।
वक्ता: केरल की धर्मगुरु माता अमृतानंदमयी और आरएसएस के दत्तात्रेय होसबोले अपने विचार रखेंगे।
अतिथि: लगभग 300 संत-धर्माचार्य, राम मंदिर आंदोलन के कारसेवक और मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले विशिष्ट जन।
श्रमिकों का सम्मान: मंदिर निर्माण में लगी 300 एजेंसियों के 400 श्रमिक और 1800 कर्मी भी इस उत्सव का हिस्सा बनेंगे। राष्ट्रपति इन श्रमिकों से संवाद भी कर सकती हैं।
श्रीराम यंत्र का महत्व
राम मंदिर के द्वितीय तल पर इस यंत्र की स्थापना आध्यात्मिक और वास्तुशास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह मंदिर की पूर्णता और उसकी ऊर्जा को केंद्रित करने का प्रतीक है।
अयोध्या का कायाकल्प और सुरक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया है:
स्वच्छता अभियान: नगर निगम द्वारा सड़कों और सरयू घाटों की जेटिंग मशीनों से सफाई की गई है।
प्रकाश व्यवस्था: संत तुलसीदास घाट और प्रमुख अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग की गई है।
सुरक्षा: पूरे रूट और मंदिर परिसर में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।

