दिल्ली विस्फोट की जांच में नया खुलासा, फरीदाबाद के सेकेंड-हैंड डीलर से खरीदी गई थी संदिग्ध कार
Sandesh Wahak Digital Desk: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट की जाँच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। विस्फोट में इस्तेमाल की गई संदिग्ध सफेद हुंडई आई-20 कार की खरीद-फरोख्त का एक लंबा सिलसिला सामने आया है, जिसकी कड़ियाँ फरीदाबाद के एक सेकेंड-हैंड कार डीलर से जुड़ी हुई हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विस्फोट के बाद गिरफ्तार किए गए मोहम्मद सलमान के पास यह कार पहले थी। इसके बाद, कार की ओनरशिप कई बार बदली गई। कार पहले नदीम को बेची गई, फिर फरीदाबाद के सेकेंड-हैंड डीलर के पास पहुँची। वहाँ से इसे आमिर ने खरीदा, फिर तारिक ने, जिस पर फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने का संदेह है, और अंत में इसे मोहम्मद उमर ने खरीद लिया था। जाँच एजेंसियाँ इस चेन में शामिल आमिर और तारिक दोनों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटा रही हैं।
तीन घंटे पार्किंग में थी कार
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने सीसीटीवी फुटेज की जाँच के आधार पर बताया कि सफेद आई-20 कार दोपहर करीब 3:19 बजे लाल किला पार्किंग क्षेत्र के पास खड़ी की गई थी और लगभग तीन घंटे बाद शाम करीब 6:48 बजे भारी भीड़ के बीच पार्किंग से बाहर निकली। पुलिस अधिकारी पूरे रूट का पता लगाने के लिए टोल प्लाज़ा और आसपास की सड़कों के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। फुटेज में संदिग्ध अकेला दिखाई दे रहा है।

आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश और विस्फोट
यह विस्फोट सोमवार शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास खड़ी हुंडई आई-20 कार में हुआ था, जिसमें कम से कम 10 लोगों की जान चली गई। इस घटना को फरीदाबाद में पुलिस द्वारा एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने और 2,900 किलोग्राम विस्फोटक व भारी मात्रा में हथियार जब्त करने के कुछ घंटों बाद देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में गिरफ्तार किए गए जम्मू-कश्मीर के दो डॉक्टर आदिल अहमद राथर और मुजम्मिल (जो आतंकी संगठनों से जुड़े थे) की गिरफ्तारी के बाद मॉड्यूल में दहशत फैल गई थी, जिसके कारण यह विस्फोट हुआ।
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