Pahalgam Terror Attack में इस्तेमाल कैमरे की जांच में आया नया मोड़, चीन से जुड़े तार
Sandesh Wahak Digital Desk: नई दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की पड़ताल में बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) में इस्तेमाल किए गए GoPro Hero 12 कैमरे की कड़ी चीन के एक डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़ती पाई गई है। जांच एजेंसी ने इस डिवाइस के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए बीजिंग से संपर्क किया है। जम्मू कोर्ट में फेडरल एंटी-टेरर जांच एजेंसी की ओर से दायर एक एप्लीकेशन में बताया गया है कि इस संबंध में एक लेटर रोगेटरी जारी किया जा रहा है, जो किसी दूसरे देश से जानकारी मांगने की न्यायिक प्रक्रिया होती है।
कोर्ट से लेटर रोगेटरी जारी करने की अनुमति
सोमवार को जारी आदेश में राष्ट्रीय जांच एजेंसी को चीन को लेटर रोगेटरी जारी करने की इजाजत दी गई। अदालत को बताया गया कि इस आतंकवादी हमले (Pahalgam Terror Attack) की साजिश और उसे अंजाम देने से जुड़ी कई वस्तुओं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई है। इनमें एक महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस GoPro Hero 12 Black कैमरा है, जिसका सीरियल नंबर C3501325471706 है। एजेंसी के अनुसार यह कैमरा हमले में शामिल आतंकवादी मॉड्यूल द्वारा हमले से पहले की टोह लेने, मूवमेंट और ऑपरेशनल तैयारी के लिए इस्तेमाल किया गया था।
सप्लाई चेन की जानकारी
वहीं जांच के दौरान एनआईए ने नीदरलैंड स्थित GoPro बनाने वाली कंपनी GoPro B.V. से सप्लाई चेन और डिवाइस के एक्टिवेशन से जुड़ी जानकारी मांगी थी। कंपनी ने एजेंसी को बताया कि संबंधित कैमरा पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना में मौजूद डिस्ट्रीब्यूटर AE ग्रुप इंटरनेशनल लिमिटेड को सप्लाई किया गया था। यह भी बताया गया कि कैमरा 30 जनवरी 2024 को डोंगगुआन, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना में एक्टिवेट किया गया था।
चीनी अधिकारियों की जरूरत
कोर्ट के आदेश के अनुसार मैन्युफैक्चरर ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके पास उस डिवाइस के डाउनस्ट्रीम ट्रांजैक्शन डिटेल्स या एंड-यूजर रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। डिवाइस का एक्टिवेशन, शुरुआती उपयोग और कमर्शियल ट्रेल पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के अधिकार क्षेत्र में आता है। खरीदार, अंतिम उपयोगकर्ता और उससे जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड की जानकारी केवल चीनी अधिकारियों की न्यायिक सहायता से ही प्राप्त की जा सकती है। इसी कारण एनआईए ने लेटर रोगेटरी जारी करने की प्रक्रिया अपनाई है।
हमले के बाद बढ़ा था भारत-पाक तनाव
दरअसल 22 अप्रैल को बैसरन के खूबसूरत घास के मैदान में हुए इस आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया था। इसके बाद भारत ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और 10 मई को हुए सीज़फायर से पहले पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सवालों को भी प्रमुखता से सामने ला दिया है।
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