पहलगाम हमला: NIA की 1597 पन्नों की चार्जशीट में पाकिस्तान बेनकाब, मास्टरमाइंड सज्जाद जट्ट का कच्चा चिट्ठा आया सामने
Sandesh Wahak Digital Desk: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकी हमले के आठ महीने बाद एक बेहद विस्तृत और चौंकाने वाली चार्जशीट दाखिल की है। करीब 1,597 पन्नों के इस दस्तावेज़ ने उन सभी दावों की पोल खोल दी है, जिसमें पाकिस्तान इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार करता रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह चार्जशीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को घेरने के लिए भारत का सबसे मजबूत हथियार बनेगी। NIA की जांच में ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं, जिन्हें झुठलाना नामुमकिन है।
पाकिस्तानी मूल के आतंकी: मुठभेड़ के दौरान मारे गए तीनों आतंकी फैसल वट्ट, हबीब ताहिर और हमजा अफगानी-पाकिस्तानी नागरिक थे।
एंड्रॉयड फोन और फोरेंसिक जांच: ऑपरेशन महादेव वाली जगह से मिले दो मोबाइल फोन पाकिस्तान में ही खरीदे गए थे। इनकी फोरेंसिक जांच से आतंकवादियों के पाकिस्तानी हैंडलर्स से सीधे संबंध स्थापित हो गए हैं।
M4 असॉल्ट राइफलें: मौके से बरामद एम4 राइफलें इस बात का सबूत हैं कि आतंकियों को सीमा पार से भारी सैन्य सहयोग मिल रहा था।
मास्टरमाइंड सज्जाद जट्ट, आतंक का पुराना चेहरा
चार्जशीट में हमले के मुख्य साजिशकर्ता सज्जाद जट्ट का विशेष उल्लेख है। जट्ट लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) का ऑपरेशंस हेड है। वह 2005 तक कश्मीर घाटी में सक्रिय था, जिसके बाद वह पाकिस्तान भाग गया। उसने न केवल पहलगाम हमला, बल्कि 2024 में रियासी में तीर्थयात्रियों की बस पर हमले और 2023 के पुंछ हमले की भी साजिश रची थी।
खुफिया अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान का इरादा न केवल अपनी घरेलू समस्याओं से ध्यान भटकाना था, बल्कि वह जम्मू-कश्मीर के फलते-फूलते टूरिज्म उद्योग को भी बर्बाद करना चाहता था। पाकिस्तान ने शुरू में इसे ‘स्थानीय विद्रोह’ बताने की कोशिश की थी ताकि बाकी भारत के लोगों में कश्मीरियों के प्रति गुस्सा पैदा हो और देश में बंटवारा हो। हालांकि, एजेंसियों की मुस्तैदी और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी कार्रवाई ने उनके इन मंसूबों पर पानी फेर दिया।
NIA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह चार्जशीट पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश करने के लिए काफी है। उन्होंने कश्मीरियों को बदनाम करने और पर्यटन को पटरी से उतारने की पूरी कोशिश की, लेकिन आज घाटी फिर से पर्यटकों से गुलजार है और न्याय की जीत हो रही है।

