निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी और विपक्ष पर लगाया देश को अस्थिर करने का आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर विदेशी ताकतों के साथ सांठगांठ करके ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) के नाम पर देश को अस्थिर करने की गहरी साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। झारखंड की उपराजधानी दुमका में गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि हाल के दिनों में देश की राजधानी दिल्ली में एक फर्जी आंदोलन खड़ा करने की कोशिश की गई है। सांसद के अनुसार, यह दरअसल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन और ऑनलाइन गैंबलिंग से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से देश में अस्थिरता पैदा करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
राहुल गांधी के विदेश दौरों और आर्थिक तंत्र पर उठाए सवाल
निशिकांत दुबे ने दावा किया कि राहुल गांधी ने पिछले 10 वर्षों के दौरान लगभग 270 बार विदेश यात्राएं की हैं। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी अपनी विदेश यात्राओं में किन-किन लोगों से मिले, उनके संपर्क किनसे थे और उनकी भारत जोड़ो यात्रा में कौन-कौन लोग शामिल हुए, इस पूरे मामले की गहन पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वैश्विक संपर्कों का इस्तेमाल भारत में अस्थिरता का माहौल तैयार करने में किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका में आई कांग्रेस से जुड़ी रिपोर्ट, नेविल रॉय सिंघम के नेटवर्क का उल्लेख करते हुए बिटकॉइन, क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े आर्थिक तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
जेन जी आंदोलन पर तंज
भाजपा सांसद ने मौजूदा विरोध प्रदर्शनों को जेन जी (Gen Z) आंदोलन बताए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने उच्च न्यायालय की कथित हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए आंदोलन से जुड़े लोगों की उम्र और उनकी पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए दुबे ने कहा कि केवल टी-शर्ट और जींस पहन लेने से कोई युवा नहीं हो जाता। उन्होंने प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और वृंदा करात जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये वही पुराने चेहरे हैं जो लंबे समय से हर तरह के आंदोलनों में देखने को मिलते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि AI और ऑनलाइन गैंबलिंग से जुड़े नेटवर्क का इस्तेमाल भारत की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए किया जा सकता है।
विदेशी तत्वों और राष्ट्रविरोधी ताकतों के समर्थन का दावा
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि इस पूरी साजिश का मुख्य उद्देश्य भारत में सत्ता परिवर्तन कराने के साथ-साथ देश के सामाजिक और राजनीतिक ताने-बाने को कमजोर करना है। अपने दावों को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जाकिर नाइक, खालिस्तान समर्थक चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू और अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम का जिक्र किया और कहा कि इन सभी राष्ट्रविरोधी तत्वों ने भी इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया है।
निशिकांत दुबे ने जोर देकर कहा कि विदेशी धरती से सक्रिय ऐसे तत्व भारत में धार्मिक और जातीय आधार पर सामाजिक विभाजन पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस कथित आंदोलन का अंतिम मकसद भारत को पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका जैसे अस्थिर हालात की ओर धकेलना है।
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