राहुल गांधी के चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग, निशिकांत दुबे ने पेश किया Substantive Motion
Sandesh Wahak Digital Desk: लोकसभा में बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद में दिए बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। बुधवार 11 फरवरी को बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर भारत माता को बेचने का आरोप लगाया था। इसी बयान को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है और इस मामले को लेकर संसद में Substantive Motion पेश करके कार्रवाई की मांग की है।
सदस्यता खत्म करने की मांग
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्ताव यानी मोशन (Substantive Motion) पेश किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ऐसी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं, जो भारत को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं। दुबे ने अपने प्रस्ताव में राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर से अनुरोध किया है कि उनके सब्सटेंटिव मोशन (Substantive Motion) को स्वीकार किया जाए।
प्रियंका गांधी का पलटवार
वहीं इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो इंडिया अमेरिका ट्रेड डील साइन की है उससे किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि देश की लेबर यूनियन हड़ताल पर है और कांग्रेस उनका समर्थन कर रही है। राहुल गांधी को लेकर उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर और केस किए जाएंगे लेकिन इससे उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
राहुल गांधी के बयान पर बढ़ा विवाद
दरअसल बजट पर जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर हमला बोला था। इसी दौरान राहुल गांधी ने ट्रेड डील को लेकर कहा कि सरकार ने देश को अमेरिका के हाथों बेच दिया है। इस बयान पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आज तक कोई ऐसा पैदा नहीं हुआ जो भारत को खरीद सके।
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने भी राहुल गांधी के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को अपने शब्दों और भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संसदीय लोकतंत्र में इस तरह की भाषा सही है।
वहीं निर्मला सीतारमण ने भी कहा कि 2013 में डब्ल्यूटीओ समझौता हुआ था जिसमें किसानों और राशन व्यवस्था पर असर पड़ सकता था। उन्होंने कहा कि 2017 में प्रधानमंत्री मोदी ने उस फैसले को पलट दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना की जा सकती है लेकिन देश को लेकर इस तरह के आरोप लोगों को गुमराह करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भारत की उपलब्धियों को जानती है और कोविड के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में 11वें स्थान से चौथे स्थान तक पहुंची है।
क्या होता है Substantive Motion?
दरअसल सब्सटेंटिव मोशन (Substantive Motion) एक औपचारिक प्रस्ताव होता है जिसमें किसी मुद्दे पर चर्चा या कार्रवाई की मांग की जाती है। किसी सदस्य के बयान की निंदा करना या उस पर संसद से कार्रवाई की मांग करना भी इसी के तहत आता है। इस मोशन को स्वीकार करना या न करना लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के अधिकार क्षेत्र में आता है।

