बिहार में नीतीश सरकार का आखिरी बजट, विपक्ष का हमला तेज, तेजस्वी यादव ने किया ‘खटारा गाड़ी’ वाला अटैक
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार की सरकार आज अपना आखिरी बजट पेश कर रही है। राज्य की सियासत गरमा गई है, और विपक्ष लगातार हमलावर है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ‘खटारा गाड़ी’ वाला हमला तेज कर दिया है। सोमवार को तेजस्वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर लिखा, “मैं 36 साल का हूं, 75 साल का नहीं। जुमलेबाजी नहीं करता। मुझे लंबी राजनीति करनी है, जो कहूंगा वह करके दिखाऊंगा। अभी तक जो कहा है, वह किया है। मेरी उम्र भले ही कच्ची है, लेकिन जुबान पक्की है।”
‘जेडीयू पर पूरी तरह बीजेपी का कब्जा’
इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा था कि बिहार के लोग राज्य में ‘खटारा गाड़ी’ (पुरानी गाड़ी) नहीं, बल्कि नई गाड़ी चाहते हैं। उनका आरोप था कि नीतीश कुमार के पास न तो कोई विजन है और न ही कोई रोडमैप। तेजस्वी ने यह भी कहा कि लोगों ने नीतीश को 20 साल तक मौका दिया, लेकिन अब वे उनसे तंग आ चुके हैं। एनडीए में नीतीश के चेहरे को लेकर तेजस्वी ने कहा, “जदयू के अंदर इस बात को लेकर डर है कि नीतीश कुमार का नेतृत्व होगा या नहीं। यह फैसला बीजेपी और उनके सहयोगी दलों को करना है, लेकिन बीजेपी ने अपने सहयोगियों के साथ क्या किया है, इसे देख लीजिए। अब तो जेडीयू पर पूरी तरह बीजेपी का कब्जा हो चुका है।”
बिहार विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है, और आज बजट सत्र का दूसरा दिन है। वित्त मंत्री सम्राट चौधरी दोपहर करीब 2 बजे बिहार का बजट पेश करेंगे। सदन की कार्यवाही 11 बजे शुरू हो गई थी, और विपक्ष ने शुरुआत में ही हंगामा शुरू कर दिया। भाकपा माले ने बनारस में स्नेहा हत्याकांड का मामला उठाया, लेकिन स्पीकर ने विपक्ष को सही समय पर सवाल उठाने को कहा, और बाद में विपक्ष शांत हो गया।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह दूसरा बजट होगा। इससे पहले, तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को ‘खटारा सरकार’ और ‘ओल्ड मॉडल’ बताया था। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चुनावी साल में नीतीश सरकार किस तरह के ऐलान करती है।
क्या हो सकते हैं बजट में मुख्य मुद्दे?
यह उम्मीद की जा रही है कि इस बजट में शिक्षा, रोजगार और कृषि पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। इस बार का बजट लगभग तीन लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, और इसमें कुछ लोक-लुभावन वादे किए जा सकते हैं। खासकर किसानों और महिलाओं को राहत देने की संभावना जताई जा रही है। बिहार में रोजगार एक बड़ा मुद्दा है, और सरकार करीब 35 लाख रोजगार और स्वारोजगार के अवसरों का ऐलान कर सकती है, जिसमें लगभग 12 लाख सरकारी नौकरियों का प्रस्ताव हो सकता है। सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो ड्रीम प्रजेंटेशन तैयार किया है, वह विधानसभा में पेश किया जाएगा।
वहीं, तेजस्वी यादव ने बजट को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा, “क्या काम-धाम से कोई मतलब है? जनता को भ्रमित करने के लिए वही पुराने जुमले और घिसा-पिटा ड्रामा फिर कर दिया जाएगा- श्री श्री नीतीश कुमार, माननीय मुख्यमंत्री।”
आरजेडी नेता संजय यादव ने कहा कि सरकार से पूछा गया कि बिहार में उद्योग-धंधे क्यों नहीं लग पा रहे हैं और युवाओं को क्या प्रोत्साहन मिल रहा है? उन्होंने यह भी सवाल किया कि बिहार की गरीबी, बेरोजगारी और पलायन को मिटाने के लिए बजट में क्या कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा कि बिहार में हर थाना और ब्लॉक में भ्रष्टाचार है, और इसे कम करने के लिए सरकार की क्या योजना है।
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