नीतीश के करीबी ही रोक रहे उनके बेटे का राजनीतिक सफर, तेजस्वी यादव ने क्यों कही ये बात?
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वस्त साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी का कहना है कि नीतीश कुमार के सबसे करीबी लोग ही उनके बेटे निशांत कुमार को राजनीति में कदम रखने से रोक रहे हैं, जबकि खुद नीतीश और उनके बेटे दोनों इस पहल के लिए तैयार नजर आते हैं।
बुधवार को पटना में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए तेजस्वी ने तीखे शब्दों में कहा, “नीतीश कुमार की पार्टी में कुछ चुनिंदा चेहरे हैं, जिन्हें आम बोलचाल में ‘भूंजा पार्टी’ कहा जाता है। ये लोग अपने बच्चों और रिश्तेदारों को सत्ता की कुर्सियों पर बैठाने में जुटे हैं, लेकिन जब बात खुद मुख्यमंत्री के बेटे की होती है तो साजिशों का जाल बुनना शुरू कर देते हैं।”
तेजस्वी का दावा है कि इन लोगों ने मुख्यमंत्री की बढ़ती उम्र और कथित रूप से कमजोर हो रही मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर अपने हित साधे हैं। उन्होंने कहा, “राज्य की प्रभावशाली संस्थाओं में अपने-अपने बच्चों और नातेदारों को बिठा दिया गया है, ताकि राजनीतिक पकड़ बनी रहे।”
‘दामाद आयोग’ पर तंज और नई बहस
हाल के दिनों में तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार पर भाई-भतीजावाद और पक्षपात के आरोपों की बौछार कर दी है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा था कि सरकार को ‘दामाद आयोग’ बना देना चाहिए। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।
तेजस्वी का इशारा सीधा जेडीयू नेता और मंत्री अशोक चौधरी की ओर था, जिनके दामाद सायन कुणाल को हाल ही में बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि सायन कुणाल के दिवंगत पिता आचार्य किशोर कुणाल, जो कि एक पूर्व आईपीएस अधिकारी थे, पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
निशांत की राजनीतिक एंट्री पर संशय
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, जो इस समय 47 वर्ष के हैं, हाल के वर्षों में कई बार सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं और राजनीति पर बेबाक राय भी रख चुके हैं। हालांकि, जब भी उनसे राजनीति में प्रवेश को लेकर सीधा सवाल किया जाता है, वह इसे टाल जाते हैं। इसके बावजूद, यह चर्चा आम हो चली है कि वे अपने पिता के उत्तराधिकारी बन सकते हैं, खासकर जब नीतीश कुमार की उम्र अब 70 वर्ष पार कर चुकी है। तेजस्वी का कहना है कि जेडीयू में कुछ ताकतवर लोग निशांत की लोकप्रियता से डरते हैं और उन्हें राजनीति में आने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
चौधरी का पलटवार और तेजस्वी की तीखी प्रतिक्रिया
जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव अशोक चौधरी ने तेजस्वी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा “जिसका खुद का दामन साफ नहीं है, वह दूसरों पर उंगली उठा रहा है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि सायन कुणाल को ‘आरएसएस कोटे’ से नियुक्त किया गया है।
तेजस्वी यादव ने इस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “यह वही बात साबित करता है, जो हम बार-बार कहते आ रहे हैं भाजपा और आरएसएस ने नीतीश कुमार को पूरी तरह हाईजैक कर लिया है। हमें उम्मीद है कि और भी जेडीयू नेता जल्द ही इस सच्चाई को स्वीकार करेंगे।”
तेजस्वी का पीएम मोदी पर वार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार यात्रा पर भी तेजस्वी ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री रोजगार देने नहीं, बल्कि सत्ता की राजनीति चमकाने के लिए आ रहे हैं। वह भाई-भतीजावाद के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन उन्हीं नेताओं के साथ मंच साझा करते हैं जो अपने परिवार के लोगों को खुलेआम बढ़ावा दे रहे हैं। यह दोहरापन अब जनता समझ चुकी है।”
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