Noida Flat Registry: बकाया जमा न करने पर नोएडा प्राधिकरण सख्त, 21 हजार से ज्यादा फ्लैट्स की रजिस्ट्री अटकी
Sandesh Wahak Digital Desk: नोएडा प्राधिकरण ने बकाया राशि वसूलने के लिए 35 बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे 21,034 फ्लैटों की रजिस्ट्री अटकी हुई है। इन बिल्डरों ने अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों पर आधारित एक नई योजना का फायदा उठाया था, जिसके तहत उन्हें बकाया चुकाने के लिए चार किस्तों में 25-25% राशि जमा करनी थी। हालांकि, पहली किस्त जमा करने के बाद भी, अधिकांश बिल्डरों ने दूसरी किस्त का भुगतान नहीं किया है, जिसकी वजह से फ्लैट खरीदारों का मालिकाना हक अधर में लटका हुआ है।
बिल्डरों की लापरवाही, खरीदारों को परेशानी
सरकार ने 21 दिसंबर 2023 को एक शासनादेश जारी किया था, जिसमें डिफाल्टर बिल्डरों को बकाया चुकाने का एक मौका दिया गया था। इसके तहत, 57 डिफाल्टर बिल्डरों को अपनी बकाया राशि का पुनर्गणना करके चार आसान किस्तों में भुगतान करने की अनुमति मिली थी। 35 बिल्डरों ने पहली किस्त के रूप में कुल ₹530 करोड़ जमा किए थे, जिसके बाद 5,536 फ्लैटों की रजिस्ट्री की अनुमति दी गई थी। लेकिन अब तक सिर्फ 3,379 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो पाई है।
दूसरी किस्त का भुगतान न होने से अटकी प्रक्रिया
योजना के अनुसार, इन बिल्डरों को मई में दूसरी किस्त (25% राशि) जमा करनी थी, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किसी भी बिल्डर ने भुगतान नहीं किया है। इस लापरवाही के कारण प्राधिकरण ने इन बिल्डरों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण का मानना है कि इन बिल्डरों पर दबाव बनाने के लिए यह कदम जरूरी है, ताकि वे जल्द से जल्द बकाया राशि का भुगतान करें और फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो सके।
40,000 फ्लैटों की रजिस्ट्री अटकी हुई है
पूरे मामले में 57 बिल्डर डिफाल्टर की श्रेणी में हैं, जिनकी परियोजनाओं को कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया है। इन परियोजनाओं में करीब 40,000 फ्लैट ऐसे हैं, जिन्हें बिना रजिस्ट्री के बेचा गया था, जिससे बिल्डरों और खरीदारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस विवाद को खत्म करने के लिए ही अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को लागू किया गया था। अब तक कुल मिलाकर बिल्डरों ने ₹720 करोड़ की राशि जमा कराई है, लेकिन यह बकाया राशि का एक छोटा हिस्सा ही है।
सख्त कार्रवाई की जाएगी
प्राधिकरण के इस सख्त कदम से उम्मीद है कि बकाया जमा करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और 21,034 फ्लैटों के खरीदारों को जल्द ही उनका मालिकाना हक मिल पाएगा। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर बिल्डर नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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