North Korea: उत्तर कोरिया ने अमेरिका को दी चेतावनी, ‘दुष्ट देश’ कहने पर जताया कड़ा विरोध
North Korea: उत्तर कोरिया ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा उसे ‘दुष्ट देश’ कहे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की “असभ्य और निरर्थक टिप्पणियों” से अमेरिका के हित कभी सुरक्षित नहीं हो सकते। यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया ने डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर सीधे तौर पर हमला बोला है।
उत्तर कोरिया ने साफ किया है कि वह अमेरिका के प्रति अपना सख्त रुख फिलहाल बरकरार रखेगा। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक प्रयासों के जरिए उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से संपर्क करने की इच्छा जताई है।
अमेरिकी विदेश नीति पर सवाल
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “अमेरिकी विदेश मंत्री के शत्रुतापूर्ण बयान और रवैया इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका की उत्तर कोरिया के प्रति शत्रुतापूर्ण नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।” मंत्रालय ने रुबियो की टिप्पणियों को “असभ्य और निरर्थक” करार देते हुए कहा कि इससे अमेरिका के हित कभी सुरक्षित नहीं होंगे।
रुबियो के बयान पर आपत्ति
उत्तर कोरिया ने 30 जनवरी को दिए गए एक साक्षात्कार का हवाला दिया, जिसमें मार्को रुबियो ने उत्तर कोरिया और ईरान को ‘दुष्ट देश’ कहा था। इस बयान पर आपत्ति जताते हुए उत्तर कोरिया ने इसे नए अमेरिकी प्रशासन की “गलत दृष्टिकोण” की निशानी बताया।
उत्तर कोरिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से अमेरिका को कभी भी कोई कूटनीतिक लाभ नहीं मिलेगा। बयान में यह भी कहा गया कि उत्तर कोरिया अपनी स्वायत्तता और सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर पर जाने के लिए तैयार है। बता दे, यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध बने हुए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका इस तीखी प्रतिक्रिया पर क्या रुख अपनाता है।

