भारत का कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार, FBI ने लास वेगास से दबोचा
Sandesh Wahak Digital Desk: भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने गिरफ्तार कर लिया है। हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव का रहने वाला हिमांशु अमेरिका के लास वेगास में छिपकर वहीं से अपना अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट संचालित कर रहा था। उस पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसे 30 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक अन्य भगोड़े अपराधी नीरज फरीदपुरिया को भी हिरासत में लिया गया है।
इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस और एजेंसियों का साझा इनपुट
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मुहैया कराए गए पुख्ता इनपुट और दस्तावेजों के आधार पर इंटरपोल ने वर्ष 2023 में ही हिमांशु भाऊ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया था। उसकी गिरफ्तारी पर हरियाणा पुलिस ने 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित कर रखा था। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल पदचिन्हों के जरिए लास वेगास में उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस की और अमेरिकी अधिकारियों के साथ साझा की, जिसके बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उसे धर दबोचा।
बाल सुधार गृह से फरार होकर खड़ा किया अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट
महज 24 वर्ष की उम्र में अंतरराज्यीय अपराध की दुनिया में बड़ा नाम बन चुके हिमांशु भाऊ का आपराधिक सफर बेहद सनसनीखेज रहा है। मात्र 17 वर्ष की उम्र में उसने रोहतक की सब्जी मंडी में व्यापारियों से जबरन रंगदारी वसूलकर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। अपने ही गांव के युवक सनी की हत्या के मामले में पकड़े जाने के बाद, वर्ष 2020 में वह हिसार के बाल सुधार गृह से करीब 20 बाल अपचारियों के साथ फिल्मी अंदाज में फरार हो गया था।
वर्ष 2022 में हरियाणा के अंदर महज 24 घंटे के भीतर तीन सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देकर उसने अपराध जगत में अपनी दहशत कायम की। जेल से बाहर आने के बाद उसने कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना गिरोह से हाथ मिलाया और बाद में विदेशी धरती से ऑपरेट हो रहे बंबीहा सिंडिकेट से गठजोड़ कर लिया। लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह से उसकी पुरानी और खूनी रंजिश जगजाहिर है।
विदेशी धरती से चला रहा था रंगदारी का नेटवर्क
पुर्तगाल और हाल ही में अमेरिका में बैठकर हिमांशु इंटरनेट कॉलिंग, वर्चुअल नंबरों और सोशल मीडिया के जरिए भारत में कारोबारियों, बिल्डरों और शराब ठेकेदारों को धमकाकर भारी फिरौती (रंगदारी) वसूलता था। उसके इशारे पर उसके गुर्गों ने कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। वर्ष 2025 में मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित आवास के बाहर हुई अंधाधुंध गोलीबारी की जिम्मेदारी इसी गैंग ने ली थी। दिल्ली के व्यस्त राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट पर हुई बहुचर्चित हत्या और एक कार शोरूम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में भी इसी के गुर्गों के नाम सामने आए थे। दिल्ली में जिम ट्रेनर विजय कुमार की दिनदहाड़े की गई हत्या के पीछे भी इसी गिरोह का हाथ था।
अब प्रत्यर्पण की प्रक्रिया होगी तेज
अमेरिका में हिमांशु भाऊ और तकनीकी निगरानी ट्रैकर (टखने का कड़ा) काटकर फरार हुए एक अन्य अपराधी नीरज फरीदपुरिया की गिरफ्तारी के बाद, अब केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां दोनों अपराधियों के भारत प्रत्यर्पण या डिपोर्टेशन की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में जुट गई हैं।
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