अब Rakurs 223Ra के इस्तेमाल से सफलतापूर्वक होगा कैंसर का इलाज!
Sandesh Wahak Digital Desk: दुनियाभर में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और बढ़ते तनाव के कारण कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ा है। हर साल लाखों लोग इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे हालात में जब भी कैंसर से जुड़े किसी नए इलाज या दवा की खबर सामने आती है, तो मरीजों और उनके परिजनों में एक नई उम्मीद जागती है। इसी कड़ी में रूस में कैंसर के इलाज से जुड़ी एक नई दवा Rakurs 223Ra के इस्तेमाल शुरू होने की खबरें सामने आई हैं। रूसी मीडिया का दावा है कि वहां इस दवा का सीमित स्तर पर उपयोग शुरू कर दिया गया है। वहीं इस दावे के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या वाकई एक ही दवा से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। क्या यह दवा कैंसर के इलाज में कोई बड़ा बदलाव ला पाएगी या फिर इसके उपयोग की भी कुछ सीमाएं हैं। आइए इस दवा से जुड़ी पूरी सच्चाई को विस्तार से समझते हैं।
कैसे काम करती है Rakurs 223Ra?
Rakurs 223Ra शरीर में कैल्शियम की तरह व्यवहार करती है और सीधे हड्डियों तक पहुंच जाती है। जिन जगहों पर कैंसर हड्डियों में फैल चुका होता है, वहां यह दवा अल्फा रेडिएशन छोड़ती है। इस रेडिएशन से कैंसर सेल्स को नुकसान पहुंचता है और उनकी सक्रियता कम होती है। खास बात यह है कि इसका असर सीमित दायरे में होता है, जिससे आसपास के स्वस्थ टिश्यू को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचता है।
इस दवा से जुड़ी आवश्यक क्लीनिकल प्रक्रियाएं पूरी किए जाने के बाद रूस में इसे सीमित मेडिकल उपयोग की अनुमति दी गई है। फिलहाल इसका इस्तेमाल केवल विशेष ऑन्कोलॉजी केंद्रों में किया जा रहा है, जहां चयनित कैंसर मरीजों को यह दवा दी जा रही है। इसी वजह से इसे लेकर इलाज की नई उम्मीदें जरूर बनी हैं, लेकिन इसे किसी चमत्कारी समाधान के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी।
किस कैंसर के इलाज में होगी इस्तेमाल?
Rakurs 223Ra एक रेडियोफार्मास्युटिकल दवा है, जिसे रूस में विकसित किया गया है। यह दवा सभी प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए नहीं बनाई गई है। इसका उपयोग खासतौर पर उन मरीजों के लिए किया जाता है, जिनका प्रोस्टेट कैंसर हड्डियों तक फैल चुका होता है। ऐसे मामलों में मरीज को तेज दर्द, कमजोरी और चलने-फिरने में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस दवा में Radium-223 नामक रेडियोधर्मी तत्व मौजूद होता है, जो हड्डियों में फैले कैंसर प्रभावित हिस्सों पर सीधे असर करता है। इसका उद्देश्य कैंसर को जड़ से खत्म करना नहीं है, बल्कि बीमारी के प्रभाव को सीमित करना और मरीज को राहत देना है। इसी वजह से इसे मुख्य इलाज नहीं, बल्कि सहायक उपचार के रूप में देखा जा रहा है।
क्या तरह खत्म हो सकता है कैंसर?
मैक्स हॉस्पिटल के ऑनकोलॉजिस्ट डॉ. रोहित कपूर के मुताबिक कैंसर कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि कई अलग-अलग बीमारियों का समूह है। हर कैंसर की प्रकृति, उसका फैलाव और उसका इलाज अलग होता है। ऐसे में किसी एक दवा से सभी प्रकार के कैंसर को पूरी तरह खत्म कर देना संभव नहीं है। Rakurs 223Ra जैसी दवाएं कैंसर से जुड़ी गंभीर स्थितियों को संभालने में मदद कर सकती हैं, लेकिन इन्हें पूर्ण इलाज नहीं कहा जा सकता।
फिलहाल यह दवा प्रोस्टेट कैंसर के उन मामलों में उपयोग की जा रही है, जहां बीमारी हड्डियों तक फैल चुकी है। ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि इस दवा से कैंसर जड़ से खत्म हो जाएगा। यह भी स्पष्ट नहीं है कि आखिरी स्टेज के कैंसर या ब्लड से जुड़े अलग-अलग प्रकार के कैंसर पर यह दवा प्रभावी साबित होगी या नहीं। हालांकि जिन मरीजों पर इस दवा का उपयोग किया गया है, उनमें दर्द कम होने, बीमारी की गति धीमी पड़ने और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होने की संभावना देखी गई है। इसके बावजूद Rakurs 223Ra को कैंसर का स्थायी या पूर्ण इलाज कहना फिलहाल सही नहीं माना जा सकता।
Also Read: ASP अनुज चौधरी के गोरखनाथ मंदिर दर्शन पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- ‘अब कोई बचाने नहीं आएगा’

