युवाओं से बोले NSA डोभाल, आजादी हमें खैरात में नहीं मिली, अपमानजनक इतिहास का बदला लेने के लिए खुद को बनाएं महान
Sandesh Wahak Digital Desk: 9 जनवरी से 12 जनवरी तक चलने वाले ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के उद्घाटन समारोह में एनएसए अजीत डोभाल ने 2000 से अधिक युवा प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में गर्व से सिर उठाकर चलते हैं, उसके पीछे पीढ़ियों का अपमान, विनाश और बलिदान छिपा है।
अजीत डोभाल ने इतिहास के उन घावों को याद दिलाया जिन्हें अक्सर हम भुला देते हैं। उन्होंने कहा, हमारे पूर्वजों ने वह समय देखा जब हमारे गांव जलाए जा रहे थे, हमारे मंदिरों को लूटा जा रहा था और हमारी महान सभ्यता को नष्ट करने की कोशिश हो रही थी। हम बेबस होकर यह सब देखते रहे। उन्होंने याद दिलाया कि हजारों लोगों ने फांसी के फंदे चूमे और गहरा अपमान सहा, तब जाकर यह आजादी हमें मिली है।
डोभाल ने युवाओं के भीतर एक नई ऊर्जा भरते हुए बदला शब्द को एक सकारात्मक और रचनात्मक रूप में परिभाषित किया। उन्होंने कहा, बदला शायद सुनने में सही शब्द न लगे, लेकिन यह एक बहुत शक्तिशाली ताकत है। हमें अपने इतिहास का बदला लेना है, लेकिन युद्ध से नहीं, बल्कि भारत को उस मुकाम पर ले जाकर जहां दुनिया हमारी मान्यताओं और अधिकारों का सम्मान करे। हर युवा के अंदर यह आग जलनी चाहिए कि हम अपने विचारों के दम पर एक महान भारत का निर्माण करें।
इतिहास का सबसे कड़वा सबक, सुरक्षा के प्रति लापरवाही
भारत की प्राचीन सभ्यता की तारीफ करते हुए एनएसए ने आगाह भी किया। उन्होंने कहा कि हम हमेशा से शांतिप्रिय रहे हैं—हमने न किसी की जमीन लूटी, न किसी के मंदिर तोड़े और न ही किसी पर हमला किया। लेकिन हमारी सबसे बड़ी हार कहाँ हुई? डोभाल के अनुसार, हम अपनी सुरक्षा और आने वाले खतरों को समय रहते भांपने में नाकाम रहे। जब भी हम अपनी सुरक्षा के प्रति लापरवाह हुए, इतिहास ने हमें कठोर सबक सिखाया। अगर आज की और आने वाली पीढ़ी उन सबकों को भूल गई, तो यह इस देश के लिए सबसे बड़ी त्रासदी होगी।
#WATCH | Delhi: Speaking at the opening ceremony of Viksit Bharat Young Leaders Dialogue, NSA Ajit Doval says, "…This independent India wasn't always as free as it appears now. Our ancestors made great sacrifices for it. They endured great humiliation and experienced periods of… pic.twitter.com/1RGfOwZwqy
— ANI (@ANI) January 10, 2026
विकसित भारत@2047 की ओर कदम
युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम युवाओं को ‘विकसित भारत@2047’ के विजन से जोड़ने का एक बड़ा प्रयास है। अजीत डोभाल ने जोर देकर कहा कि इच्छाशक्ति (Willpower) ही सबसे बड़ी राष्ट्रीय शक्ति है और युवाओं को अपनी इसी इच्छाशक्ति के दम पर भारत को विश्व गुरु बनाना है।
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