अब एक रात की नींद बताएगी सौ साल की बीमारी, AI और नींद का अनोखा कनेक्शन
Sandesh Wahak Digital Desk: अगर आप यह सोचते हैं कि नींद सिर्फ थकान दूर करने का जरिया है, तो अब अपनी सोच बदलने का समय आ गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में ऐसा कुछ हुआ है, जिसने मेडिकल साइंस की परिभाषा ही बदल दी है। Sleep FM नाम का एक AI मॉडल सिर्फ एक रात की नींद को ट्रैक करके भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों का संकेत पहले ही दे सकता है। सुनने में यह नामुमकिन लगता है, लेकिन AI की दुनिया में अब कुछ भी असंभव नहीं रहा।
रिसर्च में हुआ खुलासा
दरअसल अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने इस एडवांस AI मॉडल को तैयार किया है। यह मॉडल आने वाले दस या बीस साल नहीं, बल्कि सौ साल तक में होने वाली बीमारियों की भी भविष्यवाणी कर सकता है। रिसर्च के नतीजे हैरान करने वाले हैं क्योंकि डिमेंशिया, ब्रेस्ट कैंसर, हार्ट फेलियर, स्ट्रोक, किडनी डिजीज और यहां तक कि समय से पहले मौत की संभावना को यह मॉडल करीब अस्सी प्रतिशत सटीकता के साथ पहचान लेता है।
दरअसल जब इंसान सोता है, तब भी शरीर के भीतर लगातार गतिविधियां चलती रहती हैं। नींद के दौरान दिल, दिमाग, मसल्स और लिवर काम करते रहते हैं। दिमाग की तरंगें बदलती हैं, धड़कन कभी धीमी तो कभी तेज होती है और सांस लेने का पैटर्न भी बदलता रहता है। AI इन्हीं सभी गतिविधियों को ट्रैक करता है और उनके आधार पर भविष्य की बीमारियों के संकेत पहचान लेता है। यही वजह है कि यह मॉडल सोते समय ही शरीर को आने वाले खतरे को लेकर अलर्ट कर सकता है।
AI के साथ योग का तड़का
दरअसल इस AI मॉडल की सबसे ज्यादा जरूरत भारत जैसे देश में महसूस होती है, जहां हाई ब्लड प्रेशर के करीब बानवे प्रतिशत मरीजों को खुद पता ही नहीं होता कि उनका बीपी असंतुलित है। अमेरिका की इस रिसर्च में जिन बीमारियों को नींद के दौरान ट्रैक किया गया है, वे ज्यादातर ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी हैं। ऐसे में समय रहते चेतावनी मिल जाना लाखों जिंदगियां बचा सकता है।
हालांकि हमारे देश में AI के अलावा योग और आयुर्वेद का सहारा भी मौजूद है। अगर लोग योगगुरु स्वामी रामदेव के बताए नुस्खों को अपनाएं और उनकी सलाह के अनुसार जीवनशैली सुधार लें, तो न बीपी बढ़ेगा और न ही हार्ट अटैक या स्ट्रोक की नौबत आएगी। सही खानपान, नियमित योग और अनुशासित दिनचर्या कई गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर क्यों है खतरनाक
हाई ब्लड प्रेशर शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाता है। इससे आंखों की रेटिना डैमेज हो सकती है, नजर कमजोर पड़ सकती है, स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है और याददाश्त पर भी असर पड़ता है। सांस फूलने लगती है और हार्ट अटैक व हार्ट फेलियर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लंबे समय तक बीपी अनियंत्रित रहने से किडनी भी डैमेज हो सकती है।
हाइपरटेंशन के पीछे की असली वजह
गलत खानपान, वर्कआउट की कमी, अल्कोहल का सेवन, स्मोकिंग, लगातार तनाव और मोटापा हाई ब्लड प्रेशर की बड़ी वजह बनते हैं। अगर इन आदतों पर समय रहते काबू न पाया जाए, तो शरीर धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाता है।
हार्ट को मजबूत बनाने के प्राकृतिक उपाय
हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेदिक उपाय भी कारगर माने जाते हैं। अर्जुन की छाल, दालचीनी और तुलसी से बना काढ़ा रोजाना पीने से दिल मजबूत रहता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। नियमित सेवन से हार्ट हेल्दी बना रहता है।
बीपी कंट्रोल में रखने के आसान तरीके
अगर शरीर का वजन कम किया जाए तो ब्लड प्रेशर पर सीधा असर पड़ता है। सिर्फ एक किलो वजन घटाने से बीपी एक पॉइंट तक कम हो सकता है। नमक का सीमित सेवन और रोजाना तीस मिनट का वर्कआउट बीपी को काफी हद तक कंट्रोल में रख सकता है। सही दिनचर्या अपनाकर हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।
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