ऑपरेशन कन्विक्शन: आजमगढ़ के कुख्यात माफिया अखंड प्रताप सिंह को 3 साल की जेल और जुर्माना
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के विरुद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। प्रदेश स्तर पर चिन्हित माफिया अखंड प्रताप सिंह को न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने के मामले में आजमगढ़ कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 3 वर्ष के कारावास और 7,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
“ऑपरेशन कन्विक्शन” का असर
यह सजा उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत मिली है, जिसका उद्देश्य चिन्हित माफियाओं और जघन्य अपराधियों के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी के जरिए त्वरित सजा सुनिश्चित करना है।
क्या था मामला?
19 सितंबर 2019 को आजमगढ़ के थाना तरवां में तैनात उप-निरीक्षक नवल किशोर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि माफिया अखंड प्रताप सिंह ने न्यायालय द्वारा धारा 82 (भगोड़ा घोषित करना) की कार्रवाई के बावजूद आत्मसमर्पण नहीं किया। जिसके बाद पुलिस ने माफिया के विरुद्ध धारा 174A और 229A (भादवि) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। मामले में कुल 11 गवाहों का परीक्षण हुआ। पुलिस और लोक अभियोजक की सशक्त पैरवी के चलते न्यायालय ने आरोपी को कानून की अवहेलना का दोषी पाया।
कौन है माफिया अखंड प्रताप सिंह?
अखंड प्रताप सिंह प्रदेश स्तर का चिन्हित माफिया है, जिसका गैंग नंबर D-11 है। वह आजमगढ़ के थाना तरवां का हिस्ट्रीशीटर (HS No. 2A) है। उसके विरुद्ध आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर और लखनऊ के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, डकैती, गैंगेस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और गुंडा एक्ट जैसे कुल 38 जघन्य मुकदमे दर्ज हैं। माफिया अखंड प्रताप सिंह वर्तमान में बरेली जिला कारागार में बंद है।

