बजट पर डिंपल यादव बोलीं- महिला वित्त मंत्री होना गर्व की बात, पर जनता को क्या मिला
Sandesh Wahak Digital Desk: बजट सत्र के आगाज के साथ ही विपक्षी खेमे से प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। जहां एक तरफ सरकार आर्थिक सर्वेक्षण के जरिए अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं विपक्षी सांसदों ने सवाल उठाया है कि क्या ये आंकड़े जमीन पर उतरकर आम जनता तक पहुंच पा रहे हैं?
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सराहना तो की, लेकिन साथ ही सरकार को आईना भी दिखाया। उन्होंने कहा, यह जानकर खुशी होती है कि एक महिला वित्त मंत्री लगातार बजट पेश कर इतिहास रच रही हैं, लेकिन असली मुद्दा यह है कि आम जनता को कौन सी सुविधाएं मिल रही हैं? सरकार को यह बताना चाहिए कि पिछले बजटों में किए गए वादे कितने पूरे हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि योजनाओं का असर फाइलों में नहीं, लोगों की जिंदगी में दिखना चाहिए।
युवाओं और किसानों के लिए क्या है खास
सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क ने भी डिंपल यादव की बात का समर्थन करते हुए कहा कि बजट की असली परीक्षा उसकी ‘सामग्री’ से होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस बजट में देश के युवाओं, महिलाओं, किसानों और मजदूरों के लिए कोई ठोस योजना है? उनके मुताबिक, बजट सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि आम आदमी की उम्मीदों का दस्तावेज होना चाहिए।
दूसरी तरफ, बीजू जनता दल (BJD) के राज्यसभा सदस्य सस्मित पात्रा ने आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर सरकार से पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि सर्वे में देश की चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पात्रा ने प्रमुखता से ये मुद्दे उठाए।
महंगाई और बेरोजगारी: क्या सरकार के पास इनका कोई ठोस समाधान है?
रुपये का अवमूल्यन: डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये की सच्ची तस्वीर सामने आनी चाहिए।
पूंजी निवेश: निवेश में आ रही दिक्कतों और वित्तीय ढांचे की समस्याओं पर सरकार क्या सोचती है?
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