3 महीने में पंचायत चुनाव का आदेश, राह आसान नहीं, हाईकोर्ट के आदेश को SC में चुनौती देगी सरकार!

UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर कानूनी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में तय समयसीमा के अंदर चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख कर सकती है।

इसके पीछे जातीय जनगणना, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण की प्रक्रिया और आगामी विधानसभा चुनाव को प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि, पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि सरकार पहले हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन करेगी और उसके बाद आगे का निर्णय लेगी।

जनगणना और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार

प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 मई को समाप्त होने के बाद उन्हें प्रशासक बनाया गया था। इसके बाद जुलाई में ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें भी प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई। राज्य निर्वाचन आयोग 10 जून को पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election 2026) की मतदाता सूची जारी कर चुका है और अपनी तैयारियां पूरी होने का दावा कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन 20 मई को किया गया था। आयोग का छह महीने का कार्यकाल 20 नवंबर को समाप्त होगा। अब तक आयोग 75 में से 42 जिलों में सर्वे और भ्रमण का काम पूरा कर पाया है। ऐसे में उसकी रिपोर्ट का इंतजार है।

वहीं, जनगणना का दूसरा चरण 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। इस दौरान प्रशासनिक मशीनरी व्यस्त रहेगी। इसके अलावा जनवरी के पहले सप्ताह में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना जताई जा रही है। इन परिस्थितियों के कारण पंचायत चुनाव की समयसीमा को लेकर सरकार के सामने चुनौती है। आयोग से जुड़े सूत्रों ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपील की संभावना जताई है।

हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया, राजभर ने क्या कहा?

हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने बुधवार शाम चार बजे खुली अदालत में फैसला सुनाते हुए तीन महीने के भीतर ग्राम पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया। प्रयागराज के इम्तियाज हुसैन और अन्य याचिकाकर्ताओं ने समय पर चुनाव कराने की मांग की थी। अदालत ने यह भी कहा कि नए चुनाव (UP Panchayat Election 2026) होने तक निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम करते रहेंगे।

पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार न्यायपालिका का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी उन्होंने आदेश नहीं पढ़ा है। आदेश का विस्तार से अध्ययन करने और सभी पहलुओं को समझने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।

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