चुनाव से पहले बिहार में आक्रोश, मंत्री और पुलिस को लोगों ने खदेड़ा

Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले ही लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूटने लगा है। आज दो अलग-अलग घटनाओं में जनता का आक्रोश देखने को मिला, जिसमें एक मंत्री और एक पुलिस अधिकारी को भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा। नालंदा के हिलसा में सड़क हादसे में नौ लोगों की मौत के बाद, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार पीड़ितों के परिवार से मिलने पहुंचे थे। लेकिन वहां उन्हें स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि मंत्री उनकी समस्याओं और मुआवजे की मांग को नजरअंदाज कर रहे थे और बिना बात सुने ही वहां से जाने लगे।

पटना में भीड़ ने एसएचओ को पीटा

इस बात से नाराज होकर, लोगों ने मंत्री का विरोध शुरू कर दिया और उन्हें गांव से बाहर खदेड़ दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि मंत्री को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि मंत्री को उनके साथ बैठकर उनकी बात सुननी चाहिए थी, लेकिन उनके रवैये से लोग और भी आक्रोशित हो गए। वहीं, पटना के गर्दनीबाग में एक स्कूल छात्रा द्वारा खुद को आग लगाने के प्रयास के मामले की जांच करने पहुंचे एसएचओ को भी लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। छात्रा ने गर्दनीबाग के अमला टोला बालिका विद्यालय में आत्मदाह का प्रयास किया था, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एसएचओ की पिटाई कर दी

इस घटना के बाद, जब पुलिस जांच के लिए स्कूल पहुंची, तो स्कूल के बाहर जमा भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। लोगों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और एसएचओ की पिटाई कर दी। लोगों का यह गुस्सा स्कूल प्रशासन के खिलाफ था, लेकिन इसका शिकार पुलिस को होना पड़ा। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। ये दोनों घटनाएं दिखाती हैं कि बिहार में जनता के बीच आक्रोश बढ़ रहा है, और आने वाले चुनाव से पहले यह स्थिति नेताओं और अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

Also Read: IT कर्मचारी के अपहरण मामले में अभिनेत्री लक्ष्मी मेनन की तलाश, पुलिस ने दर्ज किया केस 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.