पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले दिनेश मिरानिया के परिवार को छत्तीसगढ़ सरकार ने दी 20 लाख की मदद
Pahalgam Terror Attack Victim Dinesh Mirania: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए छत्तीसगढ़ के बिजनेसमैन दिनेश मिरानिया के परिवार के लिए छत्तीसगढ़ की विष्ण देव साय सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है.

दरअसल, सीएम साय की सरकार ने दिनेश मिरानिया के परिवार को 20 लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की है.
सीएम विष्णुदेव साय ने 22 अप्रैल 2025 को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कारोबारी की हत्या को अत्यंत दुखद और राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिन आतंकवादियों ने भारतीयों पर हमला किया, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी.
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इनमें से ज्यादातर देश के अलग-अलग हिस्सों से जम्मू-कश्मीर पहुंचे पर्यटक थे. वहीं, इन 26 लोगों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे.
‘मिरानिया परिवार के साथ पूरा छत्तीसगढ़ खड़ा है’
रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा छत्तीसगढ़ मीरानिया परिवार के साथ खड़ा है. यह सिर्फ एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि पूरे समाज की क्षति है. इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को कड़ी से कड़ी सजा जरूर मिलेगी.
उन्होंने भरोसा जताया कि सुरक्षा एजेंसियां पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाएंगी.
बेटी के सामने आतंकियों ने मारी थी गोली
रायपुर के समता कॉलोनी निवासी मीरानिया की पहलगाम में आतंकवादियों ने उस समय हत्या कर दी थी. जब वह अपनी पत्नी, बेटे और बेटी के साथ छुट्टियां मना रहे थे.
उनके परिवार ने कहा कि उन्हें आतंकियों ने कायराना हरकत में उनकी 13 साल की बेटी के सामने दिनेश को गोली मार थी, क्योंकि वह इस्लामी आयत ‘कलमा’ नहीं पढ़ पाए थे.
पत्नी ने बताई आपबीती
दिनेश मिरानिया की पत्नी नेहा मिरानिया ने बताया था कि उनके पति की 10-12 साल से इच्छा थी कि वैष्णो देवी के दर्शन करें. उन्हें भी बापू की कथा अटेंड करनी थी और बच्चों का कश्मीर घूमने का मन था. सभी की इच्छा देखते हुए परिवार ने घूमने का प्लान बनाया था.
उन्होंने आधे घंटे पहले ही निकलने का प्लान कर लिया था, लेकिन बच्चों के खेलते-खेलते देर हो गई और वहीं 2-2.30 बज गए. बेटा अलग जगह था, दिनेश औऱ बेटी साथ में थे और नेहा खुद वॉशरूम गई हुई थीं. तभी अचानक आतंकियों का हमला हो गया. उनके आधे घंटे की देरी ने उनका परिवार तहस-नहस कर दिया.

