पाकिस्तान-अफगान सरहद पर ईद के लिए थमीं बंदूकें, सऊदी अरब और तुर्की की अपील पर 5 दिनों का युद्ध विराम
Sandesh Wahak Digital Desk: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई दिनों से चल रही भीषण बमबारी और हमलों पर फिलहाल अस्थायी रोक लग गई है। ईद-उल-फितर के पवित्र मौके को देखते हुए दोनों देशों ने अपनी-अपनी सैन्य कार्रवाइयों को कुछ दिनों के लिए टालने का फैसला किया है। यह कदम सऊदी अरब, तुर्की और कतर जैसे मित्र देशों की पुरजोर अपील के बाद उठाया गया है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारर ने सोशल मीडिया (X) पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईद की गरिमा और इस्लामिक देशों के अनुरोध का सम्मान करते हुए पाकिस्तान ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ को अस्थायी रूप से रोक रहा है। यह विराम 18/19 मार्च की आधी रात से शुरू होकर 23/24 मार्च की आधी रात तक प्रभावी रहेगा। पाकिस्तान ने साफ कर दिया है कि अगर इस दौरान सीमा पार से कोई ड्रोन हमला या आतंकी घटना हुई, तो सैन्य ऑपरेशन तुरंत दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
पाकिस्तान के एलान के तुरंत बाद अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने भी पुष्टि की कि उनके सुरक्षा बल ईद के दौरान रक्षात्मक रुख अपनाएंगे। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उन्हें उकसाया गया या पाकिस्तान की ओर से कोई हरकत हुई, तो अफगानिस्तान आक्रमण का साहसपूर्वक जवाब देने में संकोच नहीं करेगा।
यह युद्ध विराम ऐसे समय में आया है जब काबुल में पाकिस्तान के कथित हमले के बाद भारी आक्रोश है। तालिबान प्रशासन का आरोप है कि सोमवार रात काबुल में एक नशामुक्ति केंद्र पर हुई बमबारी में 400 लोगों की मौत हुई और 250 से ज्यादा घायल हुए। बुधवार को इन मृतकों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया, जिसे देख पूरी दुनिया दहल गई। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी ने इस हमले को मानवता के खिलाफ ‘नीच कृत्य’ करार दिया है।
भले ही ईद के लिए बंदूकें शांत हुई हों, लेकिन जमीन पर तनाव कम नहीं हुआ है। समझौते के कुछ घंटों बाद ही सीमा के पास तालिबान ठिकानों पर कथित हवाई हमले की खबरें आईं, जिससे इस युद्ध विराम की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और स्थिति किसी भी वक्त बिगड़ सकती है।
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