अयोध्या में राम मंदिर पर पाकिस्तान का विरोध, PM मोदी के ध्वजारोहण को बताया मुस्लिम विरासत मिटाने की कोशिश
Sandesh Wahak Digital Desk: अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक ध्वजारोहण को लेकर पाकिस्तान ने एक बार फिर आपत्ति जताई है। मंगलवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस पर विरोध दर्ज कराया और इसे भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों पर बढ़ते दबाव और मुस्लिम विरासत मिटाने की कोशिश का हिस्सा बताया।
पाकिस्तान ने यह दावा दोहराया कि जिस स्थल पर राम मंदिर बनाया गया है, वहाँ पहले बाबरी मस्जिद थी। पाकिस्तान ने भारतीय अदालतों द्वारा बाबरी मस्जिद गिराने के आरोपियों को बरी करने और उसी जगह मंदिर निर्माण की अनुमति देने को धार्मिक भेदभाव का उदाहरण बताया।
पाकिस्तान ने की अंतरराष्ट्रीय संगठनों से दखल की मांग
पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत में मुसलमानों को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से हाशिये पर धकेला जा रहा है और कई ऐतिहासिक मस्जिदें खतरे में हैं। उसने संयुक्त राष्ट्र और ग्लोबल समुदाय से भारत में कथित इस्लामोफोबिया और धार्मिक स्थलों पर हमलों पर ध्यान देने की अपील की। इससे पहले 22 जनवरी 2024 को हुए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर भी पाकिस्तान ने आपत्ति जताई थी।
भारत की ओर से प्रतिक्रिया में पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए उसके दोहरे रवैये को उजागर किया गया। भारत ने कहा कि भारत पर आरोप लगाने वाले पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर बड़े पैमाने पर हिंसा और उत्पीड़न लगातार जारी है। अमेरिकी रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया गया कि पाकिस्तान में 2025 की पहली छमाही में अल्पसंख्यकों पर हमले, धमकियाँ और धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ के कई मामले सामने आए, लेकिन सरकार ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
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