UP BJP अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को दिया संदेश, मुझे रूल नहीं, अपना रोल अदा करना है
Lucknow News: उत्तर प्रदेश भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रविवार को पदभार ग्रहण करने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य संगठन पर राज करना नहीं, बल्कि अपनी भूमिका निभाना है। केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सौंपी गई इस बड़ी जिम्मेदारी पर चौधरी ने गर्व व्यक्त किया और पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यकर्ताओं को संगठन की रीढ़ बताते हुए पंकज चौधरी ने कहा, मुझे रूल नहीं करना, अपना रोल अदा करना है। संगठन का जो भी आदेश है, वह हमारी जिम्मेदारी है। कार्यकर्ता कभी भूतपूर्व नहीं होता है, इसलिए कार्यकर्ता ही असली पूंजी है। सभी के राजनीतिक अनुभव का लाभ लिया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार के कार्यक्रमों को जनता तक पहुँचाने की जिम्मेदारी निभाएँ। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ संघ परिवार का स्नेह और मार्गदर्शन हमेशा उन्हें मिलता रहा है।
न परिवारवाद, न जातिवाद
पंकज चौधरी ने कहा कि वह प्रदेश अध्यक्ष पद का दायित्व लेकर रोमांचित और गौरवान्वित हैं। उन्होंने भाजपा की विचारधारा की प्रशंसा करते हुए कहा, हमारी पार्टी में कोई वाद नहीं चलता। न परिवारवाद और न जातिवाद। इसलिए हमें अपनी पार्टी पर गर्व है। उन्होंने निवर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल को विशिष्ट बताते हुए कहा कि वे उनके किए गए प्रयासों को आगे बढ़ाकर संगठन को नई ऊंचाई तक ले जाएंगे।
श्री पंकज चौधरी जी को @BJP4UP के अध्यक्ष निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई।
पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन एवं आपके दूरदर्शी नेतृत्व में उ.प्र. भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' और पार्टी के 'राष्ट्रहित… pic.twitter.com/2deREc09QN
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 14, 2025
26 की उम्र में लड़ा था पहला चुनाव, अब सबसे बड़ी चुनौती
अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए पंकज चौधरी ने बताया कि उनका राजनीतिक जीवन सुनियोजित नहीं था, बल्कि गलत के सामने हार न मानने की भावना उन्हें यहाँ लाई। उन्होंने डिप्टी मेयर चुनाव में कानूनी बाधाओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक लड़ने का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, भाजपा ने 26 साल की उम्र में मुझे महराजगंज से चुनाव लड़ने का आदेश दिया। न मैंने भाजपा छोड़ी, न महराजगंज। मेरी अब तक की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी अब मिली है।
उन्होंने नेतृत्व के मायने साफ करते हुए कहा, केवल आदेश देना ही नेतृत्व नहीं है। बात सुनना और समाधान देना ही नेतृत्व है। कार्यकर्ताओं से भावनात्मक अपील करते हुए उन्होंने कहा, आज इस मंच से पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि आपके लिए लडूंगा, सुनूंगा और मरूंगा।
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