पटना में छात्र-किसान-मजदूरों का प्रदर्शन, वाटर कैनन के बाद लाठीचार्ज, कई लोग घायल
Patna Protest: बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को छात्र, किसान और मजदूर संगठनों के प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। गांधी मैदान से लोकभवन की ओर निकले मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन चलाया और फिर लाठीचार्ज किया। कई प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि कुछ छात्रों के बेहोश होने के बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया।
11 सूत्री मांगों को लेकर निकला मार्च
यह मार्च विभिन्न वामपंथी छात्र, किसान और मजदूर संगठनों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर निकाला था। इनमें बाढ़ पीड़ितों को राहत-मुआवजा, नई उर्वरक नीति और नई शिक्षा नीति वापस लेने, बेरोजगारी और महंगाई पर रोक, चार लेबर कोड वापस लेने, कृषि कर्ज माफी और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण जैसी मांगें शामिल थीं। बेरोजगारों और बुजुर्गों के लिए 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग भी रखी गई।

नर्सिंग-पारा मेडिकल छात्र भी प्रदर्शन में शामिल
प्रदर्शन में बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से जुड़े नर्सिंग और पारा मेडिकल छात्र भी शामिल हुए। छात्रों का आरोप है कि करीब 80 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। वे कुलपति को हटाने और अपनी मांगों के समाधान की मांग कर रहे थे।

डाकबंगला पर प्रदर्शन के दौरान पथराव की भी सूचना है। एक पत्थर ग्रामीण एसपी कमल मीणा के हेलमेट पर लगा। एक महिला पत्रकार के घायल होने की भी बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया और कई लोगों को हिरासत में लिया। करीब 3 बजे डाकबंगला चौराहा खाली कराया गया।

