इटावा कथावाचक विवाद में अहीर रेजिमेंट के लोगों ने मचाया उत्पात, कई हिरासत में

Sandesh Wahak Digital Desk: दांदरपुर गांव में कथावाचकों के साथ हुई घटना के बाद मामला शांत होने की बजाय और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है। कथावाचक मुकुट मणि यादव और संत सिंह यादव के साथ मारपीट और चोटी काटने की घटना के बाद अब गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। बताया जा रहा है कि अहीर रेजिमेंट और गगन यादव के समर्थकों ने गांव में घुसने की कोशिश की, जिस दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर उपद्रव हुआ और भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया।

हंगामे के दौरान पुलिस पर जमकर नारेबाज़ी की गई और कुछ लोग अपनी गाड़ियां मौके पर छोड़कर भाग खड़े हुए। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है, साथ ही छोड़ी गई गाड़ियों को भी कब्जे में लिया गया है। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र ने बताया कि पुलिस पर हमला करने वालों को चिन्हित कर हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच जारी है।

Etawah Katha controversy

क्या है पूरा मामला

21 जून को इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र स्थित दांदरपुर गांव में कथा वाचन करने पहुंचे कथावाचक मुकुट मणि यादव और संत सिंह यादव के साथ ग्रामीणों ने जाति छिपाने के आरोप में मारपीट की थी। उनकी चोटी काट दी गई थी और इसका वीडियो वायरल होने पर पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने इस घटना पर तत्परता दिखाते हुए चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

कथा आयोजक परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

इस बीच कहानी में नया मोड़ तब आया, जब कथा आयोजक परिवार और ब्राह्मण महासभा ने कथावाचक मुकुट मणि यादव पर महिला से छेड़खानी का आरोप लगाया। आयोजक की पत्नी का कहना है कि कथा के दौरान भोजन के समय कथावाचक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके चलते अब कथावाचकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के चलते गांव में तनाव व्याप्त है, लेकिन पुलिस लगातार स्थिति को नियंत्रित करने में लगी हुई है। ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

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