लखनऊ वालों सावधान: अब डॉगी को घुमाना होगा जिम्मेदारी के साथ, नहीं तो लगेगा जुर्माना
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Sandesh Wahak Digital Desk: अगर आप अपने प्यारे डॉगी को रोज़ शाम की सैर पर ले जाते हैं, तो अब ये आदत सिर्फ प्यार नहीं, ज़िम्मेदारी भी मांगेगी। लखनऊ नगर निगम पालतू कुत्तों को लेकर सख्ती बरतने जा रहा है। कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए निगम नई गाइडलाइंस लागू करने की तैयारी में है।
अब माउथ गार्ड और स्कूप साथ लाना जरूरी 
निगम के नए प्रस्ताव के मुताबिक, अब पालतू कुत्तों को टहलाने ले जाते वक्त उन्हें माउथ गार्ड पहनाना अनिवार्य होगा। साथ ही, यदि आपका डॉगी कहीं भी सड़क या पार्क में गंदगी कर देता है, तो उसे स्कूप से उठाकर डस्टबिन में डालना आपकी जिम्मेदारी होगी। ये नियम कार्यकारिणी की अगली बैठक में पारित होने की संभावना है। शहर में लगभग 60 हजार पालतू कुत्ते हैं, लेकिन इनमें से केवल 10 हजार ही पंजीकृत हैं। यानी बाकी के 50 हजार बिना लाइसेंस के हैं। नगर निगम अब इस पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है।
हर महीने 300 से ज़्यादा लोग बन रहे शिकार
पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के मुताबिक, हर महीने करीब 300 लोग पालतू कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं। खासकर पिटबुल, फ्रेंच मास्टिफ और रॉटवीलर जैसी नस्लों के मामले ज़्यादा खतरनाक हैं। 2022 में कैसरबाग में एक 75 वर्षीय महिला की पिटबुल हमले में जान चली गई थी।
वृंदावन कॉलोनी बनी हॉटस्पॉट 
कुत्तों के हमले की घटनाओं में वृंदावन कॉलोनी सबसे आगे है। पिछले चार सालों में यहां 20 से ज्यादा लोगों को काटा गया है। कुछ महीने पहले एक मासूम बच्चे पर हुए हमले का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद नगर निगम ने विशेष अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ना शुरू किया था।
कुत्तों के डर से गई स्कूटी सवार की जान 
13 जनवरी 2024 को चिनहट के गुलजार नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। स्कूटी सवार सूरज अवस्थी को कुत्तों ने दौड़ा लिया, जिससे घबराकर उन्होंने स्कूटी तेज भगाई और बिजली के पोल से टकरा गए। हादसे में उनकी मौत हो गई।
अब सिर्फ प्यार नहीं, ज़िम्मेदारी भी जरूरी है
नए नियम लागू होने के बाद लापरवाही नहीं चलेगी। अगर आप अपने डॉगी को लेकर बाहर निकलते हैं तो माउथ गार्ड और स्कूप साथ ले जाना ज़रूरी होगा। नियम तोड़ने पर जुर्माना भी लग सकता है। लखनऊ नगर निगम का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब पालतू जानवर पालना सिर्फ शौक नहीं, एक सामाजिक जिम्मेदारी है। तो अगली बार जब आप अपने डॉगी को टहलाने ले जाएं, तो नियमों का ध्यान रखना न भूलें।
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