अमिताभ ठाकुर मामले में अमिताभ यश और पुलिस कमिश्नर समेत 6 अधिकारियों के खिलाफ FIR के लिए कोर्ट में वाद दायर
Lucknow News: पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर से जुड़े प्रकरण में एक नया और बेहद गंभीर मोड़ आ गया है। ‘आज़ाद अधिकार सेना’ के पदाधिकारी सिंहासन चौहान ने लखनऊ की अदालत में एक वाद दाखिल किया है, जिसमें प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश, लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर और प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद समेत कुल छह बड़े अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
अदालत में दाखिल याचिका में अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी अवैध थी और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। याचिका में हत्या की साजिश जैसा संगीन आरोप भी शामिल किया गया है। वादकर्ता का कहना है कि वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों ने मिलकर इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा रची, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
किन धाराओं में मांगी गई एफआईआर
अदालत से गुहार लगाई गई है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं (जैसे धारा 190, 248, 115(2), 61(2) आदि) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। ये धाराएं लोकसेवक द्वारा अवैध आदेश देने, प्रताड़ित करने और साजिश रचने से संबंधित हैं।
बहुत बड़ी ख़बर-
अमिताभ ठाकुर मामले में योगी सरकार के टॉप अधिकारियों के ख़िलाफ़ वाद दाख़िल।
STF चीफ अमिताभ यश, योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर समेत,
6 अधिकारियों के ख़िलाफ़ FIR के लिए कोर्ट में वाद दाख़िल।
अमिताभ ठाकुर की… pic.twitter.com/vXUnxqX7BX
— abhishek upadhyay (@upadhyayabhii) January 9, 2026
पुलिस से न्याय की उम्मीद खत्म
वादकर्ता सिंहासन चौहान का कहना है कि उन्होंने थाने से लेकर पुलिस के आलाधिकारियों तक लिखित शिकायत दी थी, लेकिन जब रक्षक ही रसूखदार हों, तो सुनवाई कौन करे? हार मानकर उन्हें न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। याचिका में कहा गया है कि अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो सिस्टम से आम आदमी का भरोसा उठ जाएगा। हाल ही में अमिताभ ठाकुर को हार्ट अटैक आने के बाद वे लखनऊ PGI में भर्ती हैं, ऐसे में इस कानूनी कार्रवाई ने मामले को और भी ज्यादा गरमा दिया है। अब सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर हैं कि क्या वह इतने कद्दावर अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर का आदेश देती है या नहीं।
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