पांच राज्यों में SIR के खिलाफ याचिकाएं, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब, बंगाल में 23 BLO की मौत
Sandesh Wahak Digital Desk: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और बिहार जैसे पांच राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने चुनाव आयोग (Election Commission) को 1 दिसंबर 2025 तक सभी मामलों में विस्तृत जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया है।
गंभीर आरोपों पर कोर्ट सख्त
याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कई गंभीर मुद्दे सामने आए, जिस पर कोर्ट ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पश्चिम बंगाल याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान 23 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने इस गंभीर आरोप पर पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव कार्यालय से भी 1 दिसंबर तक जवाब तलब किया है। केरल याचिका में स्थानीय निकाय चुनावों के कारण SIR को स्थगित करने की मांग की गई है। कोर्ट ने केरल के लिए अलग से स्थिति रिपोर्ट मांगी है। बिहार का मामला भी इन याचिकाओं से संबद्ध कर लिया गया है।
धीमी प्रक्रिया पर सवाल
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा कि बीएलओ को एक बार में केवल 50 फॉर्म ही अपलोड करने की अनुमति है, जिससे प्रक्रिया धीमी हो रही है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने साफ किया कि ‘यह आपके (चुनाव आयोग के) अपने निर्देश हैं। 50 फॉर्म की सीमा आपने ही लगाई है। यह किसी राजनीतिक दल या नेता का मुद्दा नहीं है।’
चुनाव आयोग की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कोर्ट को बताया कि राज्य चुनाव आयोग के साथ पूरा समन्वय है और 99% मतदाताओं को फॉर्म वितरित हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दल जानबूझकर डर और अफरा-तफरी फैला रहे हैं।
अगली सुनवाई की तारीखें
कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद साफ कर दिया कि प्रक्रिया में कोई अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए और समयबद्ध जवाब चाहिए।
अगली सुनवाई (केरल): 2 दिसंबर को।
अगली सुनवाई (शेष मामले): 9 दिसंबर को।
इन सुनवाइयों में यह तय हो सकता है कि विभिन्न राज्यों में SIR जारी रहेगा या इसमें कोई बदलाव किया जाएगा।
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