कन्नौज में STF का बड़ा एक्शन, पेट्रोल में ‘मिलावट का खेल’ उजागर, 20 हजार लीटर तेल के साथ एक गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी एसटीएफ ने बुधवार तड़के एक संगठित गिरोह की कमर तोड़ते हुए पेट्रोल में एथेनॉल और साल्वेंट (केमिकल) मिलाकर मिलावटी तेल सप्लाई करने वाले गिरोह के एक सदस्य को दबोच लिया। एसटीएफ की टीम ने कन्नौज-अलीगढ़ हाईवे पर स्थित एक ढाबे के पीछे छापेमारी कर भारी मात्रा में मिलावटी पेट्रोल और उपकरण बरामद किए हैं।

कैसे चलता था मिलावट का यह काला कारोबार?
पकड़े गए आरोपी राजेन्द्र पाल (निवासी कानपुर) ने पूछताछ में जो खुलासे किए, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपी ने बताया। ये लोग तेल कंपनियों के टैंकरों से असली पेट्रोल निकालते थे और फिर उतनी ही मात्रा में ₹30 लीटर वाला सस्ता केमिकल (साल्वेन्ट) मिला देते थे। इससे टैंकर में तेल का लेवल कम नहीं होता था और कंपनी या पेट्रोल पंप को भनक तक नहीं लगती थी।
मिलावट के बाद यह गैंग कानपुर, कन्नौज और लखनऊ के इलाकों में ₹80 से ₹85 प्रति लीटर के हिसाब से तेल की सप्लाई करता था। इस काले धंधे का सरगना कन्नौज का अमित पाल बताया जा रहा है। गिरोह के अन्य सदस्य सौरभ, धर्मराज और हंसराज अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

एसटीएफ की छापेमारी और बरामदगी
एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ को सूचना मिली थी कि हाईवे पर ‘यश ढाबे’ के पीछे कुछ लोग टैंकरों से तेल चोरी कर मिलावट कर रहे हैं। इस पर पुलिस, आबकारी और पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने तड़के 4:10 बजे छापा मारा। मौके से बरामद सामान की लिस्ट लंबी है:
20,000 लीटर अपमिश्रित पेट्रोल से भरा टैंकर।
600 लीटर मिलावटी पेट्रोल ड्रमों में।
245 लीटर एथेनॉल और एक महिंद्रा पिकअप।
तेल निकालने वाले पंप, पाइप, जेनरेटर और अन्य उपकरण।
कानूनी कार्रवाई
आबकारी विभाग की लैब रिपोर्ट में एथेनॉल और साल्वेंट की मिलावट की पुष्टि होने के बाद राजेंद्र पाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ कन्नौज कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
Also Read: अखिलेश यादव की सलाह, नशे के खिलाफ सिर्फ औपचारिकता नहीं, ईमानदार अभियान चलाएं

