पीएम मोदी ने उडुपी में किया गीता पाठ, राम मंदिर आंदोलन में क्षेत्र की भूमिका को किया याद
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कर्नाटक के उडुपी में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने उडुपी और गुजरात के बीच के गहरे आध्यात्मिक संबंधों को याद किया और भगवान श्रीकृष्ण की विग्रह की स्थापना के इतिहास का उल्लेख किया, जिसकी पूजा पहले द्वारका में माता रुक्मिणी करती थीं।
पीएम मोदी ने कहा, मेरा जन्म गुजरात में हुआ है। गुजरात और उडुपी के बीच गहरा और विशेष संबंध रहा है। इस प्रतिमा के दर्शन ने मुझे आत्मीय और आध्यात्मिक आनंद दिया है।

1 लाख लोगों ने किया एक साथ गीता पाठ
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तब रहा, जब लगभग 1 लाख लोगों ने एक साथ भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ किया। पीएम मोदी ने इस अनुभव को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति का अद्वितीय उदाहरण बताया। गीता के पवित्र श्लोकों का पाठ सदियों से होता आ रहा है, लेकिन जब लाखों लोग एक साथ इन श्लोकों का जाप करते हैं तो एक अनोखी ताकत पैदा होती है। यह मन को मजबूत करती है और अंदर की शांति को स्थिर करती है। यही वह एनर्जी है जो आध्यात्मिकता को बढ़ाती है और यही वह ऊर्जा है जो सामाजिक एकता को गहरा करती है।
प्रधानमंत्री ने उडुपी की राजनीतिक और सामाजिक परंपराओं को याद करते हुए कहा कि यह क्षेत्र जनसंघ और भाजपा के सुशासन मॉडल का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। पीएम मोदी ने अयोध्या यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि 25 नवंबर को राम जन्मभूमि मंदिर में धर्म ध्वज स्थापित किया गया और इस ऐतिहासिक क्षण को पूरे देश ने देखा। उन्होंने कहा, पूरा राष्ट्र जानता है कि राम मंदिर आंदोलन में उडुपी की क्या महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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