पीएम मोदी का युवाओं को मंत्र, बोले- गुलामी की मानसिकता छोड़ अपनी विरासत पर गर्व करें

Sandesh Wahak Digital Desk: राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर से आए करीब तीन हजार युवा नेताओं के साथ संवाद किया। इस दौरान पीएम ने युवाओं को भारत की संस्कृति, आधुनिकता और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर प्रेरित किया।

मैकाले की मानसिकता को धोएगी नई पीढ़ी

पीएम मोदी ने शिक्षा पद्धति और औपनिवेशिक विरासत पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हमें गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह बाहर निकलना होगा। उन्होंने कहा, मैकाले के उस दुस्साहस को 10 साल बाद 200 साल पूरे होने वाले हैं। यह वर्तमान युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह उस पुराने पाप को धोकर अपनी विरासत और अपने विचारों को मजबूती से आगे रखे।

डिजिटल क्रांति और कंटेंट क्रिएशन पर बात करते हुए पीएम ने युवाओं को एक दिलचस्प सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आज गेमिंग और क्रिएटिविटी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। हमारे युवा रामायण और महाभारत की कहानियों को गेमिंग की दुनिया का हिस्सा बना सकते हैं। पीएम ने कहा, हमारे हनुमान जी ही पूरी दुनिया की गेमिंग इंडस्ट्री को चला सकते हैं, बस जरूरत है अपनी संस्कृति को नई तकनीक के साथ पेश करने की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 सालों में देश के हर सेक्टर में संभावनाओं के द्वार खुले हैं। नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स अब रिफॉर्म एक्सप्रेस बन चुका है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि 2047 तक की यात्रा भारत के लिए जितनी अहम है, उतनी ही उनके जीवन के लिए भी सुनहरा अवसर है। युवाओं का सामर्थ्य ही भारत को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

अब जिलों में भी होगा यंग लीडर्स डायलॉग

युवाओं की भागीदारी को और बढ़ाने के लिए पीएम ने एक नई योजना का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही हम जिलों को विकसित बनाने के लिए डिस्ट्रिक्ट डायलॉग की शुरुआत करेंगे। हर राज्य के नौजवान मिलकर एक थिंक टैंक या थिंक वेब के रूप में काम करें, जिससे देश के विकास को निचले स्तर से मजबूती मिले।

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