PNB बलरामपुर लोन घोटाला: शाखा प्रबंधक समेत दो गिरफ्तार, 12 करोड़ से अधिक का गबन उजागर
Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर जिले की कोतवाली नगर पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की नहरबालागंज शाखा में हुए एक बड़े लोन घोटाले का पर्दाफाश करते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घोटाला ₹12 करोड़ से अधिक का है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दर्जनों लोन खाते खोले गए थे।

कैसे हुआ घोटाला?
पुलिस के अनुसार, तत्कालीन शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी ने अपने सहयोगी समरजीत सिंह (निवासी गोंडा, जो पीएसपी कंस्ट्रक्शंस नामक कंपनी से जुड़ा है) के साथ मिलकर इस गबन को अंजाम दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और एक अन्य लोन योजना के तहत फर्जी साक्ष्य दिखाकर कई लोन स्वीकृत कराए।
- जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी महेश त्रिपाठी ने कुल 86 फर्जी लोन खातों का इस्तेमाल किया।
- 46 लोन खातों से ₹8.09 करोड़ की हेराफेरी।
- 40 मुद्रा लोन खातों से ₹3.93 करोड़ की हेराफेरी।
- कुल गबन राशि ₹12.02 करोड़ से अधिक है।
यह पूरी राशि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नकदी के माध्यम से समरजीत सिंह की कंपनी के खाते में ट्रांसफर की गई थी। लोन की रकम बैंक मैनेजर, कुछ कर्मियों और समरजीत सिंह की कंपनी के बीच बांटी गई थी।
जांच और गिरफ्तारी
घोटाले का खुलासा तब हुआ जब PNB के मुख्य शाखा प्रबंधक, अयोध्या कार्यालय ने आंतरिक जांच शुरू की। इसके बाद, 15 अगस्त को चीफ मैनेजर की तहरीर पर कोतवाली नगर थाने में मामला दर्ज किया गया। FIR में शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी, सहयोगी बैंक कर्मचारी और निर्माण कंपनी से जुड़े कई लोग नामजद किए गए थे।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महेश त्रिपाठी और उसके सहयोगी समरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और जल्द ही इस घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है।
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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