एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला के लुधियाना स्थित आवास पर पुलिस का छापा
Sandesh Wahak Digital Desk: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के वरिष्ठ सदस्य अमरजीत सिंह चावला की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दुष्कर्म के गंभीर मामले में नामजद चावला की तलाश में रविवार को श्री आनंदपुर साहिब पुलिस की टीम ने उनके लुधियाना स्थित आवास पर अचानक छापेमारी की। पुलिस बल ने घर की गहन तलाशी ली और परिजनों से लंबी पूछताछ की। कार्रवाई की भनक लगते ही शिरोमणि अकाली दल के कानूनी सलाहकार व अधिवक्ता परोपकार सिंह घुम्मण भी बचाव में चावला के घर पहुंचे।
बंधक बनाकर यौन शोषण करने की दर्ज है एफआईआर
उल्लेखनीय है कि बीती 21 अगस्त को एक पीड़िता की शिकायत के आधार पर श्री आनंदपुर साहिब थाने में अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 127(2) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया था कि उसे आनंदपुर साहिब स्थित एक सराय में बंधक बनाकर जबरन यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।
इस आपराधिक मामले के सार्वजनिक होने के बाद सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पीठ श्री अकाल तख्त साहिब ने सख्त रुख अपनाया। अकाल तख्त सचिवालय में हुई पांच सिंह साहिबानों की बैठक में चावला के कृत्य को सिख मर्यादा का घोर उल्लंघन और पंथिक अनुशासनहीनता माना गया। कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने अकाल तख्त के फैसले की घोषणा करते हुए ‘गुरमाता’ पास किया और अमरजीत सिंह चावला को सिख पंथ से निष्कासित (छेका) कर दिया।
अकाल तख्त ने कड़ा संदेश देते हुए अपने अतिरिक्त हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह को भी पंथ से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ज्ञानी मलकीत सिंह पर एक महिला को अभद्र व अश्लील मैसेज भेजने का आरोप लगा था। पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई मूल शिकायत में अकाल तख्त के अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकीत सिंह के अलावा तख्त श्री केसगढ़ साहिब के चालक मोहन सिंह का नाम भी शामिल था।
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