Mirzapur News: यूपी पुलिस का कारनामा, मृतक की जगह उसके बेगुनाह भाई को भेजा जेल, कोर्ट से मिली जमानत

Mirzapur News: उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में पुलिस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ पुलिस की छोटी सी गलती के कारण एक निर्दोष व्यक्ति गुनहगारों की सूची में शामिल हो गया और उसे खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। पुलिस ने एक मृतक मोहम्मद सोहेल खां की जगह उसके भाई शोहेब अहमद को जेल भेज दिया था, जबकि शोहेब का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

दरअसल, 9 साल पहले 30 जनवरी, 2016 को कोर्ट प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अदलहाट थाना क्षेत्र के रसूलागंज के रहने वाले मोहम्मद सोहेल खां के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। लेकिन मोहम्मद सोहेल खां की 8 साल पहले, यानी 30 मार्च 2017 को ही मौत हो चुकी थी।

बेगुनाह की दलील अनसुनी, सीधा जेल

शोहेब अहमद बार-बार पुलिस से दलील देते रहे कि उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उन्हें बेवजह पकड़ा जा रहा है। इसके बावजूद पुलिस ने उनकी एक न सुनी। 26 जुलाई, 2025 को नारायनपुर चौकी प्रभारी अजय कुमार मिश्रा ने गलत गैर-जमानती वारंट के आधार पर मोहम्मद सोहेल खां की जगह उनके भाई शोहेब अहमद को रिमांड पर लेकर जेल भेज दिया।

कोर्ट ने किया रिहा, चौकी प्रभारी को नोटिस

जेल भेजे जाने के बाद, बेगुनाह शोहेब ने कोर्ट में अर्जी लगाकर बताया कि जिस वारंट में उन्हें जेल भेजा गया है, उस मुकदमे में उनका नाम नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि जिसके नाम से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था, वह उनके भाई मोहम्मद सोहेल खां थे, जिनकी 30 मार्च 2017 को ही मौत हो चुकी है। शोहेब ने मृतक भाई का यूपी सरकार और अस्पताल से मिला मृत्यु प्रमाण पत्र भी कोर्ट में पेश किया।

इन सबूतों के आधार पर, प्रथम अपर मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट मिर्ज़ापुर पल्लवी सिंह ने शोहेब को 28 जुलाई 2025 को तुरंत रिहा किए जाने का आदेश दिया। साथ ही, शोहेब को गिरफ्तार करने वाले नारायणपुर चौकी प्रभारी अजय कुमार मिश्रा को इस मामले में नोटिस जारी कर तलब किया गया है।

जांच के आदेश

दरअसल, नारायनपुर चौकी प्रभारी अजय कुमार मिश्रा ने 26 जुलाई को नफर वारंटी रसूलागंज के रहने वाले मोहम्मद सोहेल खां और मिल्कीपुर के रहने वाले शहजादे को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया था। बाद में ही यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिसे मोहम्मद सोहेल खां समझकर गिरफ्तार किया गया था, वह असल में शोहेब अहमद थे, और असली आरोपी मोहम्मद सोहेल खां की तो मौत हो चुकी है।

वहीं, मिर्ज़ापुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकार चुनार मंजरी राव को सौंप दी है। वह मामले की जांच कर रही हैं और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।

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