Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का चढ़ा राजनीतिक पारा, तेजस्वी यादव का बयान चौंकाने वाला
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। एनडीए और महागठबंधन के बीच मुख्य मुकाबले के बीच इस बार कई नई पार्टियां भी चुनावी मैदान में हैं। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर ही एक नया सियासी मोड़ आ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक तेज प्रताप यादव ने महुआ सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर सबको चौंका दिया है।
दरअसल बीते रविवार, 27 जुलाई 2025 को जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मीडिया से बात कर रहे थे, तब पत्रकारों ने उनसे तेज प्रताप यादव के इस फैसले को लेकर सवाल पूछा। जवाब में तेजस्वी ने बस इतना कहा, “कितनी पार्टी बनती है…” और फिर बिना कोई और टिप्पणी किए वहां से चले गए। तेजस्वी का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

तेजस्वी को ही बनाना है मुख्यमंत्री: तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव पहले भी कई बार यह बात कह चुके हैं कि वे अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि चाहे पार्टी उन्हें निकाले या नहीं, उनका समर्थन तेजस्वी को ही रहेगा। हालांकि अब वे पार्टी के सिंबल के बिना मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
रविवार को तेज प्रताप मुजफ्फरपुर के बोचहां विधानसभा क्षेत्र के बोरवारा इलाके में जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस दौरे की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा आज मैंने मुजफ्फरपुर के बोचहां विधानसभा क्षेत्र के बोरवारा में जन संवाद कार्यक्रम में हजारों की संख्या में आए लोगों को संबोधित किया। अब राज्य में सामाजिक न्याय, सामाजिक हक और बदलाव को मजबूत करना है।
महुआ से लड़ेंगे चुनाव, लेकिन इस बार निर्दलीय
गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव फिलहाल समस्तीपुर जिले की हसनपुर सीट से विधायक हैं। लेकिन इस बार वे वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से किस्मत आजमाना चाहते हैं वो भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर।

महुआ सीट पर इस वक्त आरजेडी के ही मुकेश रोशन विधायक हैं। लेकिन 2015 में तेज प्रताप यादव इसी सीट से RJD के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में वे इसे अपनी पारंपरिक सीट मानते हैं और दोबारा वहीं से चुनाव लड़ने की मंशा रखते हैं।
क्या RJD के लिए मुश्किल बढ़ा रहे हैं तेज प्रताप?
तेज प्रताप का यह कदम न सिर्फ आरजेडी के लिए रणनीतिक रूप से चुनौती है, बल्कि महागठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अगर वे वाकई निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में महुआ से मैदान में उतरते हैं, तो यह RJD के वोट बैंक में सीधा असर डाल सकता है।
बिहार की राजनीति में यादव परिवार की हर हलचल सुर्खियां बटोरती है। तेज प्रताप यादव का यह नया दांव क्या उन्हें एक अलग पहचान देगा या पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा, यह तो आने वाला चुनावी मौसम ही बताएगा। लेकिन एक बात तय है बिहार में सियासी पारा अब लगातार चढ़ता ही जाएगा।
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