UP Politics: KGMU पर सियासत तेज, मायावती बोलीं- ‘सपा ने किया अपमान, भाजपा ने नहीं सुधारा’
Sandesh Wahak Digital Desk: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का नाम बदलने की मांग उठाई है।
छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती के अवसर पर बसपा प्रमुख ने सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों के मुद्दे पर सरकार को घेरा और KGMU का नाम पुनः ‘छत्रपति शाहूजी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी’ करने की अपील की।
“राजर्षि शाहूजी महाराज का योगदान अमिट है”
मायावती ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा:
“कोल्हापुर के महाराजा छत्रपति शाहूजी ने देश में दलितों को नौकरी में आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला लेकर आरक्षण के जनक के रूप में अपनी अमर पहचान बनाई।
आज उनकी जयंती पर उन्हें शत-शत नमन व समस्त अनुयायियों को हार्दिक शुभकामनाएं।”
उन्होंने लिखा कि आज जब दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के संवैधानिक अधिकारों को निष्प्रभावी बनाने की कोशिशें हो रही हैं, ऐसे में शाहूजी महाराज जैसे महानायकों की स्मृति को सहेजना और उनका सम्मान बहाल करना और भी जरूरी हो गया है।
KGMU का नाम बदलने को बताया ‘द्वेषपूर्ण फैसला’

मायावती ने बताया कि उनके कार्यकाल में लखनऊ में स्थापित मेडिकल यूनिवर्सिटी को ‘छत्रपति शाहूजी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी’ के नाम से शुरू किया गया था।
लेकिन बाद में समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार ने उसका नाम बदलकर फिर से ‘किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी’ कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
“सपा ने जातिवादी और द्वेषपूर्ण रवैया अपनाते हुए यह नाम परिवर्तन किया। दुर्भाग्यवश भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद भी इस अन्यायपूर्ण निर्णय को अब तक ठीक नहीं किया।”
“जितनी जल्दी बहाल हो असली नाम, उतना बेहतर”
मायावती ने मांग की कि KGMU का नाम फिर से छत्रपति शाहूजी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह फैसला न सिर्फ सामाजिक सम्मान की दृष्टि से ज़रूरी है, बल्कि यह बहुजनों के योगदान को मान्यता देने की दिशा में एक अहम कदम होगा।
ष्ठभूमि
मायावती की सरकार के दौरान लखनऊ में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना छत्रपति शाहूजी महाराज के नाम पर की गई थी।
हालांकि, 2012 में सपा सरकार ने इसका नाम बदलकर फिर से KGMU कर दिया। बसपा इसे दलित विरोधी मानसिकता करार देती रही है।
Also Read: जातीय तनाव फैलाने की कोशिश पर सीएम योगी का एक्शन मोड, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

