‘चिट्ठी-पत्री से डिजिटल बैंकिंग तक’, सिद्धार्थनगर डाक महामेले में उमड़ा जनसैलाब, अधीक्षक ने बताए निवेश के गुर
Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर में मंगलवार को ‘डाक महामेला एवं वित्तीय समावेशन महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया और विभाग की नई तकनीक व सेवाओं की जानकारी ली।
वित्तीय समावेशन और बचत योजनाओं पर जोर
डाक अधीक्षक (बस्ती मंडल) संजय त्रिपाठी ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का डाकघर पारंपरिक भूमिका से बाहर निकलकर एक सशक्त वित्तीय संस्थान बन चुका है। उन्होंने विभाग की प्रमुख योजनाओं पर प्रकाश डाला।
बचत खाता, आवर्ती जमा (RD), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC), किसान विकास पत्र (KVP), मासिक आय योजना (MIS) और लोक भविष्य निधि (PPF)। डाक जीवन बीमा (PLI) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) के फायदों के बारे में बताया गया।
डिजिटल इंडिया और आधुनिक सेवाएं
सहायक डाक अधीक्षक (बांसी) वीरेंद्र कुमार मौर्या और सहायक निरीक्षक सोने लाल पटेल ने विभाग की डिजिटल क्रांति के बारे में जानकारी दी।
आधार सेवाएं: नए आधार कार्ड और अपडेशन की सुविधा।
DBT: सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे खातों में पहुँचाना।
लॉजिस्टिक्स: पार्सल सेवा और ई-कॉमर्स सुविधाओं का विस्तार।

‘विभाग की रीढ़’ ग्रामीण डाक सेवकों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को सम्मानित किया गया। पोस्टमास्टर ए.आर. खान और सहायक पोस्टमास्टर राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक विभाग की रीढ़ हैं, जो अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सेवाएं पहुंचा रहे हैं। सहायक पोस्टमास्टर कैलाश चंद्र ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य जनता और डाक विभाग के बीच विश्वास के रिश्ते को और मजबूत करना है।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर जुगुल किशोर, अंगद प्रसाद, विश्वजीत शुक्ला, सत्य नारायन मौर्या, बी.एन. पांडेय, वीरेंद्र प्रसाद, प्रदीप कुमार, आकांक्षा यादव, रीना कौर, तृप्ति वर्मा, हरेंद्र कुमार और शिवभाग सहित विभाग के अन्य कर्मचारी व नागरिक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: जाकिर खान
Also Read: सिद्धार्थनगर: चौधरी चरण सिंह की जयंती पर 28 प्रगतिशील किसान सम्मानित

