लखनऊ में ट्रैफिक से राहत की तैयारी, सड़कों पर मिट्टी की बोरियों से हो रहा ट्रायल, जल्द दिखेगा नया मॉडल

Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ की सड़कों पर जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन अब नए प्रयोग की राह पर है। सोमवार सुबह शहर के कुछ प्रमुख चौराहों और सड़कों पर मिट्टी से भरी सैकड़ों बोरियां रखी गईं। यह कदम ट्रैफिक की गति और दिशा का अध्ययन करने के लिए उठाया गया है, ताकि आने वाले समय में ट्रैफिक को जाम मुक्त और सुगम बनाया जा सके।

क्या है यह ट्रायल मॉडल?

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और ट्रैफिक पुलिस की साझा पहल के तहत यह ट्रायल फिलहाल 1090 चौराहे पर शुरू किया गया है। बोरियों को सड़क पर इस तरह से रखा गया है, जैसे वे स्थायी संरचनाएं (जैसे फुटपाथ, डिवाइडर, टर्न आदि) हों। इसका उद्देश्य यह देखना है कि किस दिशा में ट्रैफिक ज्यादा फंसता है, और किन मार्गों पर वाहन मोड़ने से जाम की स्थिति कम की जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण एक मॉडल की तरह है। यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो इसे लखनऊ के अन्य जामग्रस्त चौराहों और सड़कों पर भी लागू किया जाएगा।

किन इलाकों में ट्रैफिक की सबसे बड़ी चुनौती?

शहर के सबसे अधिक व्यस्त मार्गों में से एक, पॉलिटेक्निक चौराहे से मुख्यमंत्री आवास तक का हिस्सा है, जहां शाम के समय भारी जाम लगता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस इलाके पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है।

क्या होगा ट्रायल के बाद?

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जानकारी दी कि यह ट्रायल केवल शुरुआत है। ट्रैफिक सर्वे के आधार पर चौराहों की रिमॉडलिंग की जाएगी। कई जगहों पर इस पर काम शुरू भी हो चुका है। यह पूरी प्रक्रिया आने वाले महीनों में लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है।

ये होंगे प्रमुख सुधारात्मक कदम

  • लेफ्ट टर्न (बाएं मोड़) को आसान और स्पष्ट बनाया जाएगा, जिससे बिना रुके वाहन आगे बढ़ सकें।
  • सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा, ताकि अधिक वाहनों को जगह मिल सके।
  • फुटपाथों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ता सुनिश्चित हो सके।
  • प्लेसमेकिंग के जरिए सड़कों के आस-पास के वातावरण को बेहतर किया जाएगा।
  • आईलैंड्स बनाए जाएंगे, ताकि ट्रैफिक की दिशा और प्रवाह को व्यवस्थित किया जा सके।

इन चौराहों पर विशेष फोकस:

  • हनीमैन चौराहा
  • अटल चौराहा
  • आईटी चौराहा
  • डालीगंज तिराहा
  • कोनेश्वर चौराहा
  • लोकबंधु चौराहा
  • आईआईएम रोड तिराहा
  • मेडिकल कॉलेज चौराहा

प्रशासन की मंशा क्या है?

प्रशासन का मानना है कि जब तक बुनियादी ढांचा व्यवस्थित नहीं होगा, तब तक ट्रैफिक की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं की जा सकती। मिट्टी की बोरियों से चल रहा यह ट्रायल अस्थायी जरूर है, लेकिन इसका मकसद स्थायी समाधान खोजना है। यदि यह प्रयोग कारगर साबित होता है, तो शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को एक नया रूप मिल सकता है।

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