वृंदावन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात, ‘नाम जप’ को बताया जीवन का सार

Sandesh Wahak Digital Desk: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय ब्रज प्रवास के दौरान पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबी नजर आईं। शुक्रवार सुबह उन्होंने वृंदावन के विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज से उनके ‘राधा केली कुंज’ आश्रम में मुलाकात की। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्तित्व और ब्रज की महान संत परंपरा के बीच यह संवाद करीब 27 मिनट तक चला।

प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के मुख्य अंश

आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज ने राष्ट्रपति का स्वागत पारंपरिक ‘राधे-राधे’ कहकर किया। मुलाकात के दौरान अध्यात्म, समाज कल्याण और ब्रज की सांस्कृतिक विरासत पर गंभीर चर्चा हुई। महाराज जी ने राष्ट्रपति को ‘नाम जप’ की महिमा बताते हुए कहा कि यही मनुष्य के कल्याण और आत्मिक शांति का सबसे सरल मार्ग है। आश्रम की ओर से राष्ट्रपति को प्रसाद स्वरूप दुपट्टा, माला और विशेष प्रसादी भेंट की गई। इस दौरान राष्ट्रपति के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

दर्शन-पूजन का सिलसिला: प्रेम मंदिर और इस्कॉन

अपने दौरे के पहले चरण में राष्ट्रपति ने वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में हाजिरी लगाई। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ राष्ट्रपति ने भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में आरती की, लेजर शो देखा और परिसर की परिक्रमा की। मंदिर प्रबंधन ने उन्हें स्मृति चिह्न और धार्मिक साहित्य भेंट किया।

इस्कॉन मंदिर (कृष्ण-बलराम मंदिर) में राष्ट्रपति ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर में कुछ समय ध्यान लगाया और छोटी बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य एवं कीर्तन का आनंद लिया।

सुरक्षा और व्यवस्था

राष्ट्रपति के प्रवास को देखते हुए मथुरा-वृंदावन प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम श्रद्धालुओं को असुविधा न हो, इसके लिए सुव्यवस्थित ट्रैफिक प्लान लागू किया गया था। राष्ट्रपति का यह दौरा संवैधानिक दायित्वों और भारतीय सनातन संस्कृति के प्रति गहरी श्रद्धा के अद्भुत समन्वय के रूप में देखा जा रहा है।

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