नवरात्रि के पहले दिन रामलला के दरबार पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, श्रीराम यंत्र के महाअनुष्ठान में हुईं शामिल
Ayodhya News: शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या नगरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार दिखी। राष्ट्रपति सुबह करीब 10:30 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पहुँचीं, जहाँ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी अगवानी की। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह राष्ट्रपति का दूसरा अयोध्या दौरा है।
राष्ट्रपति के इस दौरे का सबसे मुख्य आकर्षण राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र और श्रीराम नाम स्वर्णांकित रजत पट्टिका की स्थापना का पूजन रहा। 150 किलो वजनी और सोने की परत चढ़े इस दिव्य यंत्र को कांची कामकोटि मठ (तमिलनाडु) में तैयार किया गया है। इसे कांची शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी विजयेन्द्र सरस्वती ने ट्रस्ट को भेंट किया है।
मंदिर के दूसरे तल पर राम नाम मंदिर भी स्थापित किया जा रहा है, जिसमें चाँदी की साढ़े सात फिट की पट्टिका पर स्वर्ण अक्षरों में श्रीराम अंकित है। 12 मार्च से चल रहे सात दिवसीय विशेष अनुष्ठान की आज राष्ट्रपति के पूजन और हवन के साथ विधि-विधान से पूर्णाहूति हुई।

अयोध्या से मथुरा तक की भक्ति यात्रा
अयोध्या में करीब 5 घंटे रुकने और हनुमानगढ़ी व राम मंदिर परिसर के दर्शन करने के बाद राष्ट्रपति दोपहर 3 बजे मथुरा के लिए रवाना हुईं। मथुरा में उनका कार्यक्रम बेहद खास है। राष्ट्रपति आज शाम को विश्व प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। शुक्रवार, 20 मार्च को राष्ट्रपति प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेंगी।
#WATCH अयोध्या, उत्तर प्रदेश: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में श्री राम यंत्र की स्थापना की।
(वीडियो सोर्स: प्रसार भारती SHABD) pic.twitter.com/wZ3u890x4C
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 19, 2026
तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि जिस श्रीराम यंत्र का आज राष्ट्रपति ने पूजन किया, उसे कांची मठ से तिरुपति देवस्थानम ले जाया गया था। वहां से एक भव्य रथयात्रा के जरिए इसे पूरे देश का भ्रमण कराते हुए 10 दिन पहले अयोध्या लाया गया था। यह यंत्र अब राम दरबार की शक्ति और ऊर्जा के केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है।
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