‘एक पेड़ मां के नाम’ मुहिम के तहत प्रिंस सिंह के नेतृत्व में लगाए गए 1001 पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को ज़मीन पर उतारते हुए आज राष्ट्रीय मानवाधिकार जन भारत समिति की ज़िला इकाई ने एक प्रेरणादायक पहल की।
इस अभियान के तहत लखनऊ जिलाध्यक्ष राम सिंह उर्फ प्रिंस सिंह के नेतृत्व में 1001 पेड़ों का पौधारोपण किया गया।
प्रकृति के साथ जुड़ना, मां को समर्पण है- राम सिंह
कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष राम सिंह ने कहा, “पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जितने ज्यादा पेड़ हम युवा लगाएँगे, उतना ही शुद्ध वातावरण हम आने वाली पीढ़ियों को दे पाएंगे।”
उन्होंने बताया कि देशभर में लोग खाली पड़ी ज़मीनों पर अपनी मां के नाम से पौधे लगाकर इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “हरियाली बढ़ेगी तो प्रदूषण घटेगा और लोगों को शुद्ध हवा मिलेगी, जिससे स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा।”
‘बाढ़-सूखा, आपदा सब जुड़ा है पेड़ों से’
राम सिंह ने यह भी कहा कि पर्यावरण असंतुलन की वजह से ही देश में बाढ़, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाएं बार-बार दस्तक दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर जो अंधाधुंध पेड़ों की कटाई हुई है, उसका ही परिणाम है कि प्रकृति आज नाराज़ है। लेकिन अब मोदी सरकार पर्यावरण को संतुलन में रखने की दिशा में ईमानदारी से प्रयास कर रही है।
पौधारोपण के दौरान बरगद, पीपल, अमरूद, नीम सहित कई ऑक्सीजन देने वाले व औषधीय गुणों से भरपूर पौधे लगाए गए। उन्होंने बताया कि पीपल और बरगद जैसे वृक्ष हवा को शुद्ध करने में सबसे अधिक प्रभावी हैं।
बुजुर्गों की परंपरा से सीखें पेड़ लगाना- सार्थक प्रताप सिंह
इस अवसर पर मौजूद युवा नेता सार्थक प्रताप सिंह ने कहा हमारे बुजुर्ग खेतों, बाग-बगिचों और मेड़ों पर आम, जामुन, अमरूद जैसे फलदार पेड़ लगाते थे, जिससे परिवार को ताजे फल मिलते थे और पर्यावरण भी हरा-भरा रहता था।
उन्होंने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी पर्यावरण के प्रति पहले से अधिक सजग हो गई है और केंद्र व राज्य सरकार भी इस दिशा में सार्थक प्रयास कर रही है।
‘हर खाली ज़मीन पर पेड़ लगाएं, हरियाली फैलाएं’
प्रत्येक वक्ता ने यही संदेश दिया कि अगर हर नागरिक खाली ज़मीन पर सिर्फ एक पेड़ भी अपनी मां के नाम पर लगाए, तो देश में हरियाली की नई क्रांति आ सकती है।
पेड़ों से न सिर्फ पर्यावरण सुधरेगा बल्कि दिल और दिमाग को भी सुकून मिलेगा। इस मौके पर अखंड प्रताप सिंह, मनोज कटिहार, पंकज सिंह एडवोकेट, अनूप सिंह समेत कई समाजसेवी और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।
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